तानगढ़ी गांव में शनिवार शाम करीब आठ बजे जमीन के विवाद ने बवाल का रूप ले लिया। यहां निर्माणाधीन कालेज की तीसरी मंजिल से गांव के लोगों पर कम से कम 25 राउंड फायरिंग और पथराव किए जाने का आरोप है। कालेज के पास ही पथवारी मंदिर में निर्माण कार्य चल रहा है। गांव वालों का कहना है कि कालेज बनवा रहा पूठा गांव का अनिल चौहान उर्फ बबलू मंदिर के अंदर से कालेज का रास्ता निकालना चाहता है। गांव के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसी खुन्नस में उसने गोली चलवाई है। पुलिस ने मौके से नौ लोगों को हिरासत में लिया है। असलहों की तलाश में रात में सर्च ऑपरेशन किया गया।
गांव के लोगों ने बताया कि पूठा गांव निवासी अनिल चौहान के पूर्वजों ने तानगढ़ी में दस लोगों को जमीन बेची थी। इसकी लिखा पढ़ी नहीं हुई थी। इनमें से हुकुम सिंह ने अपनी जमीन पर पथवारी मंदिर बना दिया। दशकों से पूरा गांव इसमें पूजा करता है। पास की सड़क ऊंची होने से मंदिर में जलभराव होने लगा। इसके चलते मंदिर का फर्श ऊंचा किया जा रहा था।
आरोप है कि अनिल चौहान मंदिर के अंदर से कालेज का रास्ता निकालना चाहता है। डीबीएस डिग्री कालेज नाम से यह कालेज बनाया जा रहा है। इसी के चलते वह मंदिर में निर्माण कार्य नहीं होने दे रहा। दस दिन पहले एसडीएम के यहां से स्टे आर्डर ले आया था। शनिवार शाम गांव के लोग जब मंदिर में निर्माण कार्य करा रहे थे तो अनिल चौहान ने उन्हें रोकने के लिए पहले पथराव कराया। गांव वाले नहीं रुके तो गोली चलवा दी। उधर मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि फायरिंग के बाद गांव के लोगों ने कालेज को चारों ओर से घेर लिया था। रात दस बजे पुलिस ने पहुंचकर कालेज से 10 लोगों को निकालकर हिरासत में ले लिया। पहले चौकी, फिर थाना और इसके बाद पूरे सर्किल से फोर्स बुलानी पड़ी।
हिरासत में लिए गए लोगों पर ही फायरिंग का आरोप है। ये अनिल चौहान के रिश्तेदार बताए गए हैं। उधर इस दौरान लोगों ने पुलिस अधिकारियों के सामने ही थाना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एसओ पर भी गंभीर आरोप लगाए। उधर, एसओ ने बताया कि हथियारों की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
जेल भेजने की धमकी देकर जेब भरती रही पुलिस
खंदौली। तानगढ़ी में यह विवाद अचानक से नहीं हुआ। पुलिस को इसकी जानकारी काफी दिनों से थी। प्रशासन के पास भी केस पहुंच चुका था। पथवारी मंदिर में निर्माण कार्य भी कई दिनों से चल रहा था। दोनों पक्षों में ठन चुकी थी, इसका भी अहसास पुलिस को था। इसके बावजूद इसका हल नहीं निकाला गया। जैसे ही मंदिर पर निर्माण कार्य शुरू होता, पुलिस पहुंच जाती और चार पांच लोगों को थाना ले जाती। गांव वालों ने पुलिस के सामने ही खुला आरोप लगाया कि पुलिस ने जेबें भरने के सिवाय दूसरा कोई काम नहीं गया। विवाद को कैश किया गया। लोग पहले हवालात में डाले जाते, फिर जेल भेजने की धमकी देकर उनसे पैसे लिए जाते। इसके बाद छोड़ दिए जाते। आठ दिन से यही हो रहा था।
तानगढ़ी और पूठा गांव में टकराव होते-होते बचा
खंदौली। तानगढ़ी छोटे सा गांव है। यहां बघेलों का बाहुल्य है। कालेज बना रहा अनिल चौहान उर्फ बबलू क्षत्रिय है। वह पड़ोस के पूठा गांव का है। यह क्षत्रिय बहुल गांव है। अनिल चौहान के निर्माणाधीन कालेज को घेर लिए जाने की खबर पूठा में पहुंची तो यहां से क्षत्रिय समाज के सैंकड़ों लोगों ने तानगढ़ी पर चढ़ाई की तैयारी कर ली। ये लोग हाथों में लाठी डंडे लेकर तानगढ़ी की ओर चल दिए। पुलिस ने इन्हें रास्ते में रोका। यहां इनकी पुलिस से नोक झोंक हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाकर किसी तरह इनको रोके रखा। बाद में खदेड़ दिया।