शहीद नगर स्थित बड़ी मसजिद में सोमवार सुबह 13 वर्षीय शाहिद का शव पंखे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की। पोस्टमार्टम के बाद शव को शहीद नगर चौकी के सामने रखकर जाम लगा दिया। हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, इस पर लोग शांत हुए।
सदर के शहीद नगर निवासी चिरागुद्दीन जूता कारीगर है। उनके पांच बेटे और एक बेटी है। परिवारीजनों के मुताबिक, दूसरे नंबर का बेटा मो. शाहिद रविवार रात को रोजाना की तरह मसजिद में नमाज पढ़ने गया था। इसके बाद घर लौटकर नहीं आया। शाहिद कभी-कभी रात में मस्जिद में ही रुक जाता था। इस कारण उसे तलाश भी नहीं किया। सोमवार सुबह तकरीबन साढ़े छह दो युवक बाइक से घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शाहिद की मौत हो गई है।
चिरागुद्दीन मसजिद पर पहुंचे तो बाहर तख्त पर शव पड़ा हुआ था। पुलिस भी मौजूद थी। उन्हें जानकारी दी गई कि मसजिद के एक कमरे में पंखे से अंगोछा बांधकर फांसी लगा ली है। पुलिस ने उसका शव उतारकर तख्त पर रखा था।
पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शाम तकरीबन चार बजे परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाकर शहीद नगर चौकी के सामने रख दिया। हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि शाहिद को आत्महत्या करनी होती तो घर में भी कर सकता था। यहां पर क्यों आता? उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। पिता ने अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इंस्पेक्टर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगने से आया है। हालांकि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।