ब्रज के प्रमुख मंदिरों में शामिल दानघाटी मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी को पुलिस मंगलवार को गिरफ्तार कर मथुरा ले गई। पुलिस कई दिन से प्रबंधक को तलाश कर रही थी।
पिछले सप्ताह ही मंदिर प्रबंधक के खिलाफ मंदिर सेवा ठेका में 7.44 करोड़ रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को अचानक इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। प्रबंधक को पकड़कर पुलिस थाना गोवर्धन के बाद मथुरा लाई और यहां पूछताछ हुई।
गौरतलब है कि गिरिराज दानघाटी मंदिर की व्यवस्था तब विवादों में आ गई जब प्रबंधक पर मंदिर के सेवा ठेका में करोड़ों रुपये घोटाले के आरोप लगे। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट से लेकर शासन-प्रशासन को शिकायत की गई। मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा। हरकत में आए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने 25 मई को 7.44 करोड़ रुपये के हेरफेर के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार किए गए दानघाटी मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी
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मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी प्रबंधक द्वारा सभी कार्य किए जा रहे थे। मंगलवार को प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी प्रबंधक की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को सौंख रोड स्थित घर से प्रबंधक को गिरफ्तार किया।
बताया गया कि प्रबंधक को सदर थाने में रखा गया। क्राइम ब्रांच भी जांच में जुटी रही। थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक लोकेश कुमार ने बताया कि डालचंद से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है।
प्रमुख दानघाटी मंदिर पर करीब दो साल से सेवा का ठेका अपने ही परिजनों के अलग-अलग नाम पर ले रहे ठेकेदार के भी होश उड़ गए हैं। करीब दो साल से ठेके की धनराशि के मामले में ठेकेदारों की भी जांच की जाएगी। गिरिराज मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा एवं हरिगोकुल मंदिर के रिसीवर पर लगे आरोपों के बाद इन मंदिरों में भी हलचल मची हुई है।
रिसीवर के पक्ष में इन मंदिरों के सेवायत आ गए हैं। परिक्रमा मार्ग आन्यौर गोशाला में बैठक कर सेवायत राजू ठेकेदार ने बताया कि रमाकांत गोस्वामी पर लगाये गये आरोप गलत हैं। निजी स्वार्थों की पूर्ति की वजह से रिसीवर पर आरोप लगा रहे हैं।
इस अवसर पर हरी बीकानेरी, पप्पू मास्टर, हरी मास्टर, नृसिंह पटेबाज, कन्हैया लाल, राकेश शर्मा, छोटू शर्मा, विष्णु दत्त शर्मा, प्रमोद शर्मा, राजू फौजी आदि सेवायत रहे।