अगर आपके मोबाइल लॉटरी को कोई मैसेज आए तो सावधान हो जाएं। नहीं तो ठगी का शिकार हो सकते हैं। इंटरनेट के दौर में जालसाज लॉटरी का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। व्हाट्सएप पर एक लॉटरी की टिकट भेजी जा रही है। यदि आप लालच में आ गए तो ठगी का शिकार हो सकते हैं।
जानकारी के अभाव में लोग कई तरह की ठगी का शिकार आसीन से हो जाते हैं। सऊदी अरब के मोबाइल कोड से लोगों के मोबाइल पर व्हाटस एप नंबर पर एक फर्जी इनामी टिकट भेजी जा रही है। इस टिकट में 25 लाख रुपये इनाम जीतने का लालच दिया जा रहा है।
टिकट पर लकी ड्रा हेड ऑफिस कर ब्रांच अंकित है। टिकट पर लिखा है कि प्रिय ग्राहक आपने 25 लाख रुपये का इनाम जीता है। केबीसी की ओर से और जिओ कंपनी की ओर से इनाम घोषित किया गया है। यह इनाम दुबई ड्यूटी फ्री की ओर से फर्स्ट कैटेगिरी में आपका नंबर चुना गया है।
ठगी का शिकार होने से बचने को ये बरतें सावधानी
- अपना खाता नंबर या अधार नंबर किसी को न दें
- मोबाइल पर आने वाली ओटीपी शेयर न करें
- बैंकिंग लेने देन के लिए अपने लैपटॉप या कंप्यूटर का ही प्रयोग करें
- ठगी के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
लकी नंबर चुने जाने पर पहले भी हो चुकी हैं ठगी
मोबाइल पर मैनुअल मैसेज देकर लकी नंबर चुने जाने के लालच में आकर लोग पहले भी ठगी का शिकार होते रहे हैं। लोगों को किसी कंपनी के नाम से नंबर चुने जाने की जानकारी देने के बाद इनाम में निकली धनराशि के आधार पर टैक्स जमा कराने को कहकर ठगी की जा चुकी है।
ठगी का शिकार होने से बचा युवक
कासगंज शहर के ही निवासी राकेश ने बताया कि कुछ समय पहले उनके मोबाइल पर लकी नंबर चुने जाने का संदेश आया। संपर्क करने पर उससे 30 हजार रुपये टैक्स जमा कराया गया, लेकिन रकम नहीं दी गई।
टिकट पर दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर जब उसने संपर्क साधा तो उससे पूछा गया कि आप अपना इनाम किस तरह से लेना चाहेंगे। यदि खाते में इनाम लेना चाहते हैं तो खाता संख्या सहित अन्य विवरण भेज दें। यदि आपके यहां पर बैक खुले हैं तो में आपके खाते में तुरंत धन भेज दूंगा।
उसने अपनी जानकारी नंबर पर भेज दी, लेकिन खाते में धन नहीं भेजा। उसने बताया कि जो खाता संख्या दी गई उसमें धन नहीं था, हो सकता है धन होने पर उसको निकाल लिया जाता। राजीव मौर्य निवासी सुल्तानपुर
जनपद में साइवर सेल तो नहीं है, लेकिन साइबर क्राइम का मामला आने पर एसओजी और क्राइम ब्रांच ही मामले को देखती है।
- अशोक कुमार शुक्ल, एसपी कासगंज