हैक होते ही दोबारा से डाउनलोड करके चलाएं व्हाट्सएप
साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ विजय तोमर ने बताया कि किसी भी अंजान व्यक्ति के कॉल पर विश्वास नहीं करना चाहिए। अगर, कोई खुद को मोबाइल कंपनी और बैंक अधिकारी बताए तो समझ जाएं कि धोखेबाज हो सकता है। व्हाट्सएप को चलाने के लिए सबसे पहले उसे अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होता है। इसके बाद व्हाट्सएप से ओटीपी भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इसी ओटीपी को पूछते हैं। इसलिए किसी को मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नहीं बताना चाहिए। अगर, कोई आपके व्हाट्स एप को चला भी लेता है तो बंद भी किया जा सकता है। उसे फिर से प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। इस पर एक ओटीपी आएगा।
ओटीपी आप डालेंगे तो साइबर अपराधी के मोबाइल में चल रहा व्हाट्स एप बंद हो जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्स एप की सेटिंग में द्वितीय सत्यापन विकल्प चुनकर रखे। इसमें ओटीपी पूछ भी लें तो द्वितीय सत्यापन में वह विफल हो जाएगा।