आगरा के थाना शाहगंज के ग्यासपुरा में जूता कारखाना संचालक की पत्नी और दो बेटियों के साथ आत्महत्या के प्रयास के मामले में आरोपी सूदखोर मुकेश, सुनील और बबलू अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं। हालांकि पुलिस की जांच में पता चला है कि मुकेश सागर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर छह मुकदमे भी दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी है।
ग्यासपुरा मोहल्ला निवासी जूता कारीगर दीपक कुमार (32) पुत्र अचल सिंह ने शनिवार रात को पत्नी और दो बेटियों के साथ आत्महत्या का प्रयास किया था। इस मामले में दीपक की सास बेबी ने मुकदमा दर्ज कराया था। ग्यासपुरा के सूदखोर मुकेश सागर, सुनील और बबलू को नामजद किया था। दीपक ने मुकेश से 1.15 लाख रुपये उधार लिए थे। वह तीन लाख रुपये मांग रहा था। इसको लेकर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में तलाश
क्षेत्राधिकारी (सीओ) लोहामंडी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकेश थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ दो लूट सहित छह मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी आगरा से बाहर फरार हो गया है। उसकी तलाश में एक टीम को लगाया गया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश भी एक टीम गई है।
सूदखोरों ने छीना घर, अब फुटपाथ पर रह रहे
जगदीशपुरा के दो लोगों से सूदखोरों ने घर ही छीन लिया। इन्होंने सूद पर एक एक लाख रुपया लिया था। इससे ज्यादा चुका दिया लेकिन सूदखोर ब्याज पर ब्याज लगाए चले गए। नतीजा यह हुआ कि इन्हें घर बेचना पड़ा। सूदखोरों ने औने-पौने दाम में मकान खरीद लिया। सपोर्ट इंडिया संस्था के सुरेश चंद सोनी एडवोकेट ने बताया कि सिर्फ ये दो नहीं, और भी कई शिकायतें आई हैं।
संस्थाओं की अपील, सूदखोरों का पैसा न लौटाएं, शिकायत करें
सपोर्ट इंडिया, आगरा जाटव महापंचायत, सोशल केयर सोसायटी, डॉ. आंबेडकर एकता संस्थान, भीम आर्मी और महिला उत्थान समिति संस्थाओं की बैठक में सूदखोरों से परेशान लोगों से अपील की गई कि वे सूदखोरों का पैसा न लौटाएं। सूदखोरों के नाम-पते सहित पुलिस से शिकायत करें।