रेल नीर घोटाले में गिरफ्तार रेलवे के चीफ कामर्शियल मैनेजर संदीप साइलस के बैंक खातों और लॉकरों की जांच के लिए सीबीआई टीम आगरा आने वाली है। वह आगरा में ही पले-बढ़े हैं। ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी उन्होंने आगरा के सेंट जोंस कालेज से की। यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 1984 में रेलवे की सेवा में पहुंचे। उनके घरवाले भी आगरा में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके परिचित परिवारों में सीबीआई की पूछताछ का डर है तो कई लोग घोटाले में उनकी संलिप्तता पर चौंक उठे।
मुंबई में डीआरएम सहित रेलवे के उच्च पदों पर रह चुके संदीप साइलस को रेल नीर घोटाले में गिरफ्तार किया गया। इस खबर के बाद से ही आगरा में उनके परिवार के लोगों में घबराहट फैल गई। दरअसल, साइलस का परिवार बेहद प्रतिष्ठित रहा है। उनकी मां क्वीन विक्टोरिया इंटर कालेज की कई सालों तक प्रधानाचार्य रही हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले साइलस बचपन से लेकर बडे़ होने तक आगरा की गलियों में ही खेले हैं।
पांच दिन की रिमांड पर दोनों अधिकारी
नई दिल्ली। रेल नीर आपूर्ति घोटाला मामले में गिरफ्तार रेलवे अधिकारी संदीप साइलस, एमएस चालिया को सीबीआई ने 5 दिनों के लिए रिमांड पर लिया है। इस मामले में सीबीआई छापेमारी में 28 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। घोटाले की रकम की बरामदगी के लिए दिल्ली व आगरा के कई बैंक लॉकरों के संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि चीफ कामर्शियल मैनेजर संदीप साइलस व एमएस चालिया को इस पूरे घोटाले की जानकारी थी लेकिन इसके बाद भी इन्होंने इसे रोकने के लिये कोई कार्रवाई नहीं की। संदीप साइलस 1984 बैच के इंडियन रेलवे ट्रैफिक सिस्टम (आईआरटीएस) सेवा व एमएस चालिया 1987 बैच के अधिकारी हैं। सीबीआई ने इन दोनों अधिकारियों को आरके एसोसिएट्स के मालिक शरण बिहारी अग्रवाल के मालिक के साथ शनिवार रात को गिरफ्तार किया था।