आगरा के अछनेरा क्षेत्र में हुआ था बावनखेड़ी जैसा हत्याकांड
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अमरोहा के गांव बावनखेड़ी जैसा हत्याकांड नौ साल पहले नौ मई 2012 को आगरा जिले के अछनेरा के गांव तुरकिया में हुआ था। यहां गंभीर सिंह नाम के युवक ने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर बड़े भाई सत्यभान, भाभी पुष्पा और उनके चार मासूम बच्चों को मौत की नींद सुला दिया था। एक बीघा जमीन के लिए इस नरसंहार को अंजाम दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, गंभीर सिंह ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सत्यभान (35), उसकी पत्नी पुष्पा (30), बेटे कन्हैया (पांच), बेटी आरती (4), गुड़िया (तीन) और प्रिया (दो) को बेहोश कर दिया था। इसके बाद दोस्त की मदद से गंभीर ने सभी को कुल्हाड़ी से काट डाला था। गंभीर सिंह (40) को मार्च 2017 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। वहीं उसकी बहन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। गंभीर सिंह आगरा की केंद्रीय जेल में बंद है।
अमरोहा के गांव बावनखेड़ी की शिक्षामित्र शबनम ने 14/15 अप्रैल 2008 की रात को प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम, भतीजे अर्श और फुफेरी बहन राबिया की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में शबनम और सलीम को फांसी की सजा सुनाई गई है।