मथुरा के बरसाना में एक धार्मिक स्थल पर हुए बलात्कार के मामले में जब पुलिस का दबाव बना तो एक आरोपी खुद ही पुलिस के पास पहुंच गया और खुद को बेकसूर बताने लगा। पुलिस ने करहला रोड से उसकी गिरफ्तारी दिखाई है। बाकायदा एपी देहात ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पहले तो गैंगरेप के दोनों आरोपियों को बचाने में लगी रही लेकिन जब मामला पुलिस कप्तान स्वप्निल ममगाई तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। पुलिस दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दौड़ पड़ी। कई जगह दबिश दी गई लेकिन दोनों में से कोई भी हाथ नहीं लगा। बताया जाता है कि पुलिस दोनों के परिवार वालों को थाने ले आई थी।
जब दबाव बना तो कन्हैया खुद ही थाने पर पहुंच गया। वहां उसने पुलिस को बताया कि इस घटना से उसका कोई लेना देना नहीं है। अब महिला उसका नाम क्यों ले रही है यह वह नहीं जानता। कन्हैया ने कहा कि राजेंद्र सिंह उर्फ पंगा जरूर उसे उठाकर ले गया था। वह भी वहीं पहुंच गया था। उसने विरोध भी किया था।
रेप से पहले के फुटेज चेक करेगी पुलिस
पुलिस ने 11 सितंबर के सीसीटीवी फुटेज तो देख लिए हैं अब 11 सितंबर से पहले के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाएंगे। यह देखा जाएगा कि कहीं इस प्रकार की घटनाएं पहले तो नहीं होती रही हैं। एसएसपी के आदेश पर यह किया जा रहा है। साथ ही कब से फुटेज को चेक नहीं किया गया है इसकी भी जानकारी की जा रही है।
जांच के लिए स्वाट टीम पहुंची
शुक्रवार को स्वाट टीम के प्रदीप यादव मामले की जांच करने के लिए पहुंचे। धर्मस्थल के परिसर में भिक्षावृत्ति करते भिखारियों को धमकाया। वहीं स्वाट टीम राजेंद्र उर्फ पंगा की तलाश कर रही है। वहीं परिसर से सटी हुई पहाड़ियां उद्यान विभाग के अंडर में आती हैं। उद्यान विभाग के डीएचओ सुरेश कुमार ने संदिग्ध फूल माला बेचने वाले लोगों के बारे में जानकारी ली।