बेसिक शिक्षा विभाग का वित्त एवं लेखाधिकारी कन्हैया लाल सारस्वत मंगलवार शाम चार बजे 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। खेरागढ़ के गांव सरेंडा के प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक दिनेश चाहर की शिकायत पर यह कार्रवाई विजिलेंस की लखनऊ टीम ने की। कन्हैया को उसके दफ्तर से ही पकड़ा गया। उसे बुधवार को एंटी करप्शन की मेरठ स्थित कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मूल रूप से हाथरस के चंदपा के रहने वाले कन्हैया लाल सारस्वत का दफ्तर बीएसए ऑफिस में है। यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके बावजूद उसने रिश्वत लेने में कोई हिचक नहीं की। लखनऊ से विजिलेंस की टीम एक ट्रक में पुलिस बल लेकर पहुंची थी। कन्हैया के खिलाफ शिकायत दिनेश चाहर ने 25 अप्रैल को डीजी विजिलेंस से की थी। इसी पर यह कार्रवाई की गई।
कन्हैया के खिलाफ शाहगंज थाना में केस दर्ज किया गया है। दिनेश ने बताया कि उसका निलंबन अवधि के जीवन निर्वहन भत्ता का 1.5 लाख रुपया रुका हुआ था। इसका बिल पास करने के बदले कन्हैया ने उससे रिश्वत में पहले 60 हजार मांगे। इसके बाद 50 हजार पर आ गया। उसने शिकायत कर दी। बकौल दिनेश, उसे विद्यालय से गैर हाजिर रहने पर दो सितंबर 2016 को निलंबित किया गया था। निलंबन अवधि में मिलने वाला भत्ता अभी तक उसे नहीं मिला था।
गाड़ी की भी ली गई तलाशी
कन्हैया को रंगे हाथ पकड़ लिए जाने के बाद शाहगंज थाना ले जाया गया। यहां पर पहुंचे शिक्षकों ने बताया कि उसने आज ही रिश्वत में और भी पैसा लिया है। अगर गाड़ी की तलाशी ली जाए तो रकम मिल सकती है। इस पर विजिलेंस टीम बीएसए ऑफिस पहुंची। यहां कन्हैया की गाड़ी की तलाशी ली गई। इसमें पैसा नहीं मिला।