चीख-पुकार सुनकर ननद और आसपास के लोग जाग गए। तभी हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सुलेखा को जिला अस्पताल भिजवाया। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया। हमलावर कौन थे और हमला करने के पीछे क्या वजह थी, इसकी कोई जानकारी परिजन नहीं दे सके।
ननद को कमरे में कर दिया था बंद
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए। सुलेखा की ननद ने बताया कि हमलावरों ने उसके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। भाभी की चीख सुनने के बाद जब उसने बाहर आना चाहा तो दरवाजा नहीं खुला। हालांकि हमलावरों की पहचान को लेकर किसी की जानकारी नहीं दी गई थी।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमर बहादुर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम को मेडिकल कॉलेज जाकर पीड़िता का हाल जाना। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। सीओ ने बताया कि महिला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। पुलिस जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा करेगी।