लक्ष्मी नारायण गोविंद प्रसाद ज्वैलर्स के कर्मचारी रिंकू को गोली मारकर जेवरात और कैश से भरा थैला लूट लिए जाने की सनसनीखेज वारदात में पुलिस जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रही। पहले फीरोजाबाद के टूंडला में घटना के फर्जी खुलासे की कोशिश की। इसमेें कामयाबी न मिलने पर असली लुटेरों की तलाश हुई लेकिन यह भी दो दिन ही चली। वारदात के 15 दिन बाद भी पुलिस लुटेरों की गिरफ्तारी तो दूर उनके फोटो तक नहीं ढूंढ पाई है।
इस बीच घायल रिंकू की मौत हो चुकी है। एफआईआर में हत्या की धारा बढ़ चुकी है लेकिन पुलिस का रवैया नहीं बदला है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो टूंडला में पकड़े गए दो बदमाशों पर यह केस खोले जाने का मकसद दबाव से बचना था। सराफा कारोबारी आंदोलन की चेतावनी दे चुके थे। पुलिस की चाल कामयाब रही लेकिन अब फिर से सराफा बाजार में गुस्सा दिख रहा है। इसके बाद बदमाश यमुना ब्रिज रोड पर सराफ के घर डाका डालने पहुंच गए थे।
फिर एत्मादपुर मेें सराफ से लूट की गई। कारोबारियों को डर है कि दीपावली के नजदीक वारदात और बढ़ सकती हैं क्योंकि बदमाश खुले घूम रहे हैं। शाहगंज लूटकांड में शामिल बदमाशों के नाम-पते मिलने का दावा पुलिस कर रही है लेकिन इनके फोटो अब तक जारी नहीं कर पाई है। सूत्रों की मानें तो पिछले चार-पांच दिनों से बदमाशों की तलाश भी नहीं की जा रही है।
पकड़ से दूर चार लुटेरे
आगरा। यमुना ब्रिज रोड पर सराफ के घर डाका डालने आए बदमाशों मेें से एक को लोगोें ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसने अपने पांच साथियों के नाम भी बताए। इसके बावजूद पुलिस सात दिन में सिर्फ एक ही को पकड़ पाई है।
डीआईजी से मिलेंगे व्यापारी
आगरा। शाहगंज के सराफ गोविंद प्रसाद का कहना है कि उनके साथ हुई वारदात में न तो बदमाश पकड़े गए हैं और न ही माल बरामद हुआ है। डीआईजी ने उन्हें केस के सही खुलासे का भरोसा दिया था। उनसे ही उम्मीद है। जल्द ही सराफा बाजार का प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा।