ऑनलाइन फ्रॉड के लिए नई-नई तरकीब निकाल रहे साइबर अपराधियों तक पहुंचना पुलिस के लिए मुश्किल बना हुआ है। पहले इनके सिम कार्ड की आईडी नक्सली इलाकों की मिल रही थी। अब पता चला है कि ये अपराधी एटीएम कार्ड भी झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ आदि इलाकों के इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें इन इलाकों के लोगों से किराए पर लिया जाता है क्योंकि यहां जाने से पुलिस बचती है।
इसका खुलासा कई संदिग्ध खातों की जांच के दौरान हुआ है। पुलिस को शक था कि इन खातों का इस्तेमाल आतंकी संगठन कर रहे हैं। इनमें पैसा देश के कई हिस्सों से जमा कराया जाता था। जैसे ही रकम आती, वैसे ही एटीएम से निकाल ली जाती। ऐसे ही एक खाते में चार दिन पहले रकम जमा कराते हुए थाना हरीपर्वत के सामने रहने वाला युवक पकड़ा गया।
युवक ने बताया कि उसने एटीएम और खाता किराए पर ले रखा था। इस कारण ही वह पैसा जमा कराने आया था। यह युवक इंश्योरेंस के नाम पर फ्रॉड करता है। जिसका खाता किराए पर ले रखा था, वह दोस्ती के नाम पर ठगी करने वाली महिलाओं का गिरोह था। इस गिरोह ने यह खाता मणिपुर के युवक से किराए पर लिया था।
इसके बाद संदिग्ध माने जा रहे सभी खातों की जांच हुई तो पता चला कि इनकी आईडी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की है, जबकि एटीएम कार्ड से पैसा दिल्ली में निकाला जा रहा है। साइबर सेल ऐसे सभी खातों की सूची बना रही है। इसे संबंधित राज्यों की पुलिस को भेजा जाएगा। इनका किराया पांच से दस हजार रुपये तक है। माना जा रहा है कि ये खाते इन राज्यों के दिल्ली में रहने वाले लोगों के हो सकते हैं।
दिल्ली का एक और गिरोह ट्रेस हुआ
आगरा साइबर सेल ने ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला दिल्ली का एक और गिरोह ट्रेस किया है। ये लोग लॉटरी, टॉवर, बीमा, दोस्ती के नाम पर ठगी करते हैं। आगरा के भी कई लोगों को शिकार बना चुके हैं। सेल प्रभारी नितिन कसाना का कहना है कि इस गिरोह की तलाश में जल्द ही दबिश दी जाएगी।