तेल माफिया मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों को सील करने में एडीए के कुछ अधिकारी आनाकानी कर रहे थे। उन्होंने कई तरह के बहाने बनाए। एडीए उपाध्यक्ष के कार्यालय में अधिकारियों की बीच जमकर बहस भी हुई लेकिन मनोज गोयल के पैरोकारों की नहीं चली तो उन्हें पंप सील करने पड़े।
गौरतलब है कि आगरा विकास प्राधिकरण ने सोमवार को मनोज गोयल के छलेसर, नुनिहाई, मदिया कटरा, मघटई और गांधी नगर स्थित पेट्रोल पंपों को सील कर दिया था। इनमें किसी भी पेट्रोल पंप का मानचित्र एडीए से स्वीकृत नहीं है। लेकिन एडीए अधिकारियों की साठगांठ के चलते पंप संचालित थे। 100 करोड़ रुपये की तेल चोरी की जांच में इस बात का खुलासा भी हुआ। पहले तो एडीए के प्रवर्तन विभाग ने नोटिस की खानापूर्ति कर मामले को टालना चाहा था लेकिन उच्चाधिकारियों को सील करने के आदेश दिए तो प्रवर्तन विभाग के अधिकारी ज्वलनशील पदार्थों की आड़ लेकर सीलिंग करने में आनाकानी करने लगे। सचिव राजकुमार ने उन्हें रास्ता भी बताया कि लेकिन वे तैयार नहीं थे। इस बात को लेकर प्रवर्तन विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एडीए उपाध्यक्ष अजय यादव के कक्ष में जमकर बहस भी हुई। उसके बाद टीम पंपों को सील करने रवाना हुई थी।
रिमांडके लिए दिया प्रार्थनापत्र
मथुरा।
100 करोड़ की तेल चोरी के मामले में फरार 12 आरोपियों को पकड़ने के लिए मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने फरीदाबाद में दबिश दी। मथुरा में भी दबिश दी गईं। इधर तेल माफिया मनोज गोयल को रिमांड पर लेने के लिए क्राइम ब्रांच ने कदम बढ़ा दिए हैं। मंगलवार को मनोज गोयल की रिमांड के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया।
18 फरवरी को मथुरा-जालंधर पाइप लाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी करने का खुलासा हुआ था। मामले में आरोपी 17 लोगों में से मनोज गोयल समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
100 करोड़ की तेल चोरी का मुख्य आरोपी मनोज गोयल मथुरा के जिला कारागार में निरुद्ध है। उसे रिमांड पर लेने के लिए क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को एसीजेएम चतुर्थ की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें 14 दिन की रिमांड मांगी गई है। क्राइम ब्रांच प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस पर कोर्ट ने बुधवार की तारीख दी है।