मैनपुरी। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की फांसी लगाकर हत्या करने के आरोपी पति को एफटीसी प्रथम के जज ने 10 साल की सजा सुनाई है। वहीं, सास और ससुर को भी दहेज हत्या का दोषी पाकर जेल भेजा गया है। साथ ही तीनों को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला औरैया के थाना बिधूना के कीरतपुर निवासी गंगाराम ने अपनी पुत्री शैलजा उर्फ माला की शादी 18 मई 2013 को राजकुमार निवासी मानपुर चांदा थाना एलाऊ के साथ की थी। शादी के बाद माला का दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर उत्पीड़न शुरू किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर 18 अप्रैल 2015 को पति राजकुमार, ससुर जहान सिंह, सास शकुंतला देवी ने माला की फांसी लगाकर हत्या कर दी। जानकारी होने पर गंगाराम ने पति, सास, ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज कर दी।
मामले का विचारण एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की अदालत में किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। गवाही के आधार पर पति, सास, ससुर को दहेज हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने आरोपियों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम ने तीनों को दोषी पाकर 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।