आगरा। इलाहाबाद से पकड़ी गईं 43 सेक्स वर्करों को बगैर किसी आदेश के छोड़ने के आरोप में जेल भेजी गईं नारी निकेतन की निलंबित अधीक्षक गीता राकेश को पाक्सो एक्ट में जमानत नहीं मिल सकी। शनिवार को कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
गीता राकेश के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) सुनील कुमार मिश्र की कोर्ट में हुई। गीता राकेश की ओर से कहा गया कि उसने संवासिनियों को नियमानुसार राजकीय संरक्षण गृह से मुक्त किया था। उस संबंध में उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जा चुका है। अब उसका रिमांड पाक्सो अधिनियम में भी लिया गया है। संवासिनियों को सुपुर्दगारों की पहचान संबंधी दस्तावेज लेने के बाद मुक्त किया था। वह 20 साल से सरकारी सेवा में हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता शिशुपाल यादव ने कोर्ट के समक्ष अपराध से जुड़े तथ्य और साक्ष्य रखते हुए जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने गीता राकेश का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। गीता राकेश को 20 जून को दोबारा जेल भेजा गया था। इससे पहले वह अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा हो गईं थीं। अब उनकी मुश्किल और बढ़ गई हैं।