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दो बैंकों के एटीएम हैंग कर पांच लाख निकाले

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आगरा। शहर में दो बैंकों के एटीएम हैंग कर लगभग पांच लाख की रकम निकाल ली गई। इसके लिए साइबर अपराधियों ने एक तो क्लोन कार्ड का इस्तेमाल किया। दूसरा मशीन से कैश बाहर आते ही इसे हैंग किया। इसके बाद मशीन में 100-100 केनोट डाल दिए। इससे मशीन रिवर्स चली। नतीजा यह हुआ कि खाताधारक के खाते में पैसा वापस पहुंच गया जबकि बैंक की रकम साइबर अपराधियों की जेब में पहुंच गई। शहर में पहली बार इस तरह की वारदात सामने आई है। इससे बैंक अधिकारियों में हड़कंप है। इस पर शनिवार की एक बैंक में मीटिंग भी हुई।
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अभी एक ही बैंक की ओर से पुलिस में शिकायत की गई है। यह बंधन बैंक के संजय प्लेस शाखा के प्रबंधक विक्रांत राज ने की है। इस बैंक के संजय प्लेस स्थित एटीएम से 17 जून से 27 जून तक चार बार 40-40 हजार करके 1.60 लाख रुपये निकाले गए। इसके लिए दिल्ली के व्यापारी के एटीएम कार्ड का क्लोन इस्तेमाल किया गया।

सीसीटीवी के फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई है। इससे पता चला है कि पैसा दो युवकों ने निकाला है। दोनों एटीएम के एक्सपर्ट माने जा रहे हैं। उन्होंने कैश निकालने के लिए एटीएम को ऊपर से खोला। कार्ड डालने केबाद जैसे ही कैश बाहर आया, एक वायर काटकर मशीन को हैंग किया।
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इसके बाद इस तरह की गड़बड़ी की कि खाताधारक के खाते से पैसा नहीं कटा। एटीएम से पैसा बाहर आ गया, लेकिन मशीन के रिवर्स घूम जाने से खाते में एंट्री नहीं पहुंच पाई। बैंक ने जांच में एटीएम के विशेषज्ञों की मदद भी ली है।

विक्रांत राज ने बताया कि दो दिन पहले एटीएम का कैश चेक करने पर इसकी जानकारी हो सकी। शनिवार को बैंक के शाखा प्रबंधक विक्रांत राज ने थाना हरीपर्वत में शिकायत की। इसे साइबर सेल को भेज दिया गया है। एटीएम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसमें दोनों युवक साफ नजर आ रहे हैं। प्रबंधक ने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं। उधर, एक और बैंक से सवा तीन लाख इसी तरह से निकाले जाने का मामला भी सामने आया है। इसकी शिकायत नहीं की गई है। विक्रांत राज ने भी बताया कि एक और बैंक का मामला उनकी जानकारी में आया है।

बिना गार्ड वाले एटीएम निशाने पर
एटीएम से इस तरह कैश निकालने का यह पहला मामला सामने आया है। हालांकि इससे पहले एटीएम में कार्ड बदलकर और मशीन का बटन दबाकर लोगों को झांसे में लेकर रकम निकालने के कई मामला सामने आ चुके हैं। ऐसा उन्हीं एटीएम पर होता है, जिन पर गार्ड की तैनाती नहीं होती है। साइबर क्राइम सेल में लगातार शिकायत पहुंच रही हैं।

एटीएम तकनीक के जानकार हैं अपराधी
पुलिस का कहना है कि एटीएम से कैश निकालने की तकनीक की जानकारी हर किसी को नहीं होती है। जिस तरह से युवकों ने बंधन बैंक के एटीएम से कैश निकाला, उससे तो यही लगता है कि वे एटीएम को संचालित करने की जानकारी पहले से रखते हैं। उन्हें पता था कि किस कमांड से मशीन हैंग होगी और हुड कैसे खुलेगा। इसके साथ ही निकासी वाले स्थान पर सौ रुपये रखने से कैसे पैसा वापस हो जाएगा।

सुरक्षित नहीं रहे एटीएम, सुरक्षा जरूरी
: एटीएम बूथ में कार्ड बदलकर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों को आगाह किया जा रहा है कि अपना कार्ड किसी और हरगिज न दें।
: एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड जानकर खाते से पैसा निकालने की शिकायतें भी हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि बैंक खाता, एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड किसी को न बताया जाए।
: एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर पैसा निकालने के कई मामले हो चुके। इसमें जरूरी है कि पैसा निकालते समय देख लें कि मशीन में स्कीमर ( माइक्रो कैमरा ) तो नहीं लगा है। शक होने पर शिकायत करें।
: खाता संख्या, एटीएम पासवर्ड के जरिए ऑनलाइन शापिंग करके ठगी के मामले भी सामने आए हैं। इनसे बचना भी मुश्किल नहीं। बस खाता संख्या, पासवर्ड को किसी को नहीं बताना है।
: एटीएम के कैंसिल बटन को बंद करके भी ठगी जाती है। इससे बटन दबाने से प्रक्रिया कैंसिल नहीं होती। एटीएम कार्ड धारक चला जाता है। ठग प्रकिया को जारी रख पैसा निकाल लेते हैं। इससे बचने के लिए प्रक्रिया अधूरी छोड़कर न जाएं।
: एटीएम को काटकर कैश चोरी और मशीन को ही लूट लिए जाने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। एटीएम पर गार्ड तैनात कर इनसे बचा जा सकता है लेकिन इस पर बैंक का ध्यान नहीं।
: एटीएम को हैंग करके बैंक का पैसा निकाल लिए जाने का मामला पहली बार सामने आया है। यह घटना भी उसी एटीएम पर हुई है जिस पर गार्ड की तैनाती नहीं थी।

पुलिस ने हलके में लिया मामला
इतना संगीन मामला पुलिस ने बेहद हलके में लिया है। देर रात तक इसकी रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की गई। बैंक अधिकारी सीसीटीवी फुटेज देने के लिए तैयार हैं लेकिन पुलिस ने इसे देखा ही नहीं। मामला साइबर सेल को भेज दिया गया है। इसका आदेश भी देर रात तक साइबर सेल तक पहुंच नहीं पाया था। आला अधिकारियों को तो थाना पुलिस ने जानकारी ही नहीं दी। पुलिस की ओर से बैंकों को अलर्ट भी नहीं किया गया जबकि साइबर अपराधी खुले घूम रहे हैं।
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