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न्याय की गुहार लगा रही फौजी की वेवा पत्नी

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शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। कारगिल योद्धा में पाकिस्तान की सेना से लोहा लेने वाला जगन्नाथ सिंह देश को व्यवस्था ने ऐसा तोड़ा कि वह 14 जुलाई को मौत के आगोश में समा गया लेकिन अपना प्लाट कब्जा मुक्त नहीं करा पाया। अब उसकी विधवा न्याय के लिए भटक रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले सत्यदेव सिंह निवासी यदुवंश नगर प्रतापपुर चौराहा ने रतनकुमार ग्राम भूड़ा थाना शिकोहाबाद के साथ एक प्लाट खरीदा था। दोनों ने अपनी-अपनी पत्नियों के नाम इसका बैनामा कराया था। सत्यदेव की पत्नी सरोज का कहना है कि पति ने रतनकुमार को चार लाख रुपया उधार दिलाया था। रतनकुमार बेईमानी करने लगा।

रतन कुमार ने केस कर दिया। रतनकुमार ने उनके प्लाट पर अवैध कब्जा कर लिया। रोते हुए सरोज बताती है कि पति को सरहद पर गोली से डर नहीं लगा लेकिन अपने घर में न्याय की मांग के दौरान झूठा मुकदमा दर्ज कराने से लेकर जान से मारने की तक धमकी दी गईं। डीएम- एसएसपी नेता सभी के पास गए लेकिन न्याय नहीं मिला।
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सदमा लगने पा उनको अस्पताल भर्ती कराया उपचार के दौरान 14 जुलाई को उनकी मौत हो गई। पति की लड़ाई अब सरोज लड़ रही हैं। 24 जुलाई को पूर्व मंत्री जयवीर सिंह को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग लगाई। डीएम- एसएसपी के यहां भी चक्कर लगा रही हैं।
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