मैनपुरी। जिला कारागार में हत्या के जुर्म में निरुद्ध थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव सगामई निवासी बंदी की शनिवार शाम कोमौत हो गई। मृतक वर्ष 2011 में रिश्तेदार युवती के प्रेमी की हत्या के मामले में नामजद था। वहीं परिवारीजनों ने बंदी की अचानक मौत पर सवाल खडे़ किए हैं। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव सगामई निवासी रामसिंह जाटव (60) वर्ष 2011 में एक रिश्तेदार युवती के प्रेमी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके साथ ही नामजद वेदराम, राम सिंह, राम नारायण, गुड्डी देवी और शीला भी जेल भेजे गए थे। वर्तमान में गुड्डी और ऊषा जमानत पर हैं।
शनिवार की शाम को जिला कारागार मेें रामसिंह की तबियत अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह से खून गिरने लगा तो कारागार प्रशासन ने उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मृतक के परिवारीजनों को दी गई।
जिला अस्पताल पहुंचे परिवारीजन रामसिंह की अचानक हुई मौत के कारण को संदिग्ध बता रहे हैं। मृतक के नाती अनिल कुमार का कहना है कि अगर सामान्य मौत होती तो मुंह से खून क्यों आता। मृतक के साथ कुछ तो हुआ है, जिस वजह से उनकी मौत हुई है। हालांकि जेल प्रशासन की ओर बीमारी के चलते मौत होने की बात कही जा रही है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवारीजनों को सौंप दिया।
मृतक रामसिंह पर अपनी ही रिश्तेदार युवती के प्रेमी की हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। वर्ष 2011 के अगस्त माह में गांव इटौरा निवासी जोगेंद्र (मृतक) इस परिवार की एक युवती को भगा ले गया था।
आरोप रहा कि घटना के बाद रामसिंह ने जोगेंद्र को धोखे से घर बुलाकर हत्या कर दी थी। घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता ने रामसिंह समेत छह लोगों के विरुद्ध दर्ज कराई थी। पुलिस ने 19 सितंबर को राम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से रामसिंह जेल में बंद था।