मृतक एक्साइज इंस्पेक्टर अमित मिश्रा का फाइल फोटो
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भोगांव। एक्साइज इंस्पेक्टर का शव तकरीबन छह-सात घंटे कमरे में ही पड़ा रहा। रविवार सुबह पांच बजे चाय देने पहुंचने पर पिता को बेटे की मौत की जानकारी हो गई थी लेकिन बेसुध पिता ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। सुबह दूध देने के लिए दूधिया के आने पर पिता ने उसे बेटे की मौत की जानकारी देकर लौटा दिया। रविवार तकरीबन 11 बजे जानकारी होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पड़ताल में मोहल्ले के लोगों ने बताया कि एक्साइज इंस्पेक्टर अमित मिश्रा के पिता प्रेमप्रकाश मिश्रा और उनका सबसे छोटा भाई अनिरुद्ध मिश्रा (16) मानसिक रूप से कमजोर हैं। मां की मौत के बाद अमित के पिता और भाई भोगांव स्थित घर में रहते थे। वहीं अमित मिश्रा का एक भाई अभय मिश्रा (32) पटना में रहता है।
हालांकि लॉकडाउन में वह भी घर आया हुआ है। शनिवार रात अमित ने खुदकुशी कर ली। रविवार सुबह करीब पांच बजे पिता प्रेमप्रकाश अमित को चाय देने कमरे में गए तो बेटे की लाश सामने पड़ी देखने के बाद भी उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी। वह चाय को वही पर रखकर नीचे उतर आए। कुछ देर बाद दूधिया आया तो प्रेमप्रकाश ने कहा कि बेटे की मौत हो गई है। इसलिए दूध नहीं लेंगे। प्रेमप्रकाश का यह जवाब सुनकर दूधिया चला गया।
वहीं अमित के छोटे भाई अभय ने भी किसी को कोई जानकारी नहीं दी। करीब 11 बजे मोहल्ले के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने घर पर जाकर देखा और पुलिस को जानकारी दी। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मृतक के पिता मानसिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया।
रात में चले थे पटाखा
पुलिस की पूछताछ में मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शनिवार को मोहल्ले में एक घर में गमी और एक घर में बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे के जन्म वाले घर में रात में आतिशबाजी चल रही थी। इस कारण देररात गोली चलने की आवाज पर लोगों का ध्यान नहीं गया।
पारिवारिक समस्याओं से परेशान थे अमित
मोहल्ले वालों की मानें तो अमित के पिता प्रेम प्रकाश मिश्रा और छोटा भाई अनिरुद्ध मिश्रा मानसिक रूप से कमजोर हैं। वह किसी से कोई मतलब नहीं रखते हैं। एक भाई अभय मिश्रा पटना में रहता है, उसने लव मैरिज कर ली है। वह जमीन बेचना चाहता है। इसकी जानकारी होने के बाद अमित ने चार माह पूर्व समाचार पत्र में पिता और भाई को लेकर विज्ञापन भी प्रसारित कराया था। इसमें पिता के मानसिक रूप से बीमार होने की बात भी कही थी। मोहल्ले के लोगों का मानना है कि परिवार की समस्याओं ने अविवाहित अमित को जान देने पर मजबूर कर दिया।