फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ले जाने वाली महिला पर नहीं हुई कार्रवाई, एसपी ने लिया संज्ञान

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। एक किशोरी को गांव की रहने वाली महिला एक युवक की मदद से दो साल पहले अपने साथ ले गई। महिला ने किशोरी को गलत हाथों में सौंप दिया। इसके बाद किशोरी पांच लोगों को बेची गई। 13 महीने बाद जब वह बरामद हुई तब पांच माह की गर्भवती थी। एक साल से न्याय के लिए भटक रही किशोरी और उसके पिता ने बृहस्पतिवार को एसपी को आपबीती सुनाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन

थाना भोगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी 25 मई 2018 को अगवा कर ली गई थी। गांव निवासी महिला और युवक उसे अपने साथ अमृतसर पंजाब ले गए। 25 मई 2018 को पिता की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जून 2019 को किशोरी अमृतसर से बरामद हुई, तब वह साढ़े पांच माह की गर्भवती थी। बृहस्पतिवार को एसपी ने मिलने पहुंची किशोरी ने कई खुलासे किए। किशोरी के अनुसार गांव से ले जाने वाले युवक और महिला ने उसे पांच लोगों को बेचा। उसे अलग-अलग जगहों पर रखा गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने आज तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोपी युवक भी दो महीने बाद ही जेल से रिहा हो गया था, जबकि महिला पर कोई कार्रवाई नहीं हुए। थाना पुलिस भी उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही है। एसपी अजय कुमार पांडेय ने महिला थाना प्रभारी एकता सिंह को जांच के आदेश दिए हैं।
बाल कल्याण समिति को सौंपा दस माह का मासूम
घर से अगवा की गई किशोरी जब बरामद हुई तो वह साढ़े पांच माह की गर्भवती थी। कुछ समय बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। आज बच्चा दस माह का हो चुका है। महिला थाने पहुंची किशोरी ने बच्चे की परवरिश करने में असमर्थता जताई। किशोरी का कहना था कि वह बिन ब्याही मां बन गई है, इस कारण वह इस बच्चे की परवरिश नहीं करना चाहती है। किशोरी और उसके परिजनों की रजामंदी के बाद पुलिस ने बच्चा बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन

शादी करने से किया इनकार
महिला थाने पहुंची किशोरी ने पुलिस के सवालों का जवाब देते हुए साफ कर दिया कि वह शादी नहीं करेगी। उसका उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना है। इसके लिए उसे जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी वह देगी। किशोरी ने कहा कि पुलिस चाहती तो आरोपी आज जेल में होते। पुलिस ने उसके केस को कमजोर किया, जिसके चलते आरोपी युवक दो महीने में ही जमानत पर छूट गया।
बच्चे को साथ नहीं रखना चाहती
महिला थाना में रोते हुए पीड़िता ने कहा कि जिसने भी उसके साथ यह गलत काम किया है, वह सभी को सजा दिलाना चाहती है। इसके बाद ही वह अपनी आगे की जिंदगी के बारे में सोचेगी। वह गरीब लोग हैं और बच्चे की परवरिश भी नहीं कर पा रही है। वह बच्चे को साथ नहीं रखेगी। जिस पर महिला थाना प्रभारी ने महिला सहायता केंद्र से संपर्क साधा है।
मामले में महिला थानाध्यक्ष को गंभीरता से जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किशोरी को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। दर्ज रिपोर्ट में की गई विवेचना को भी जांचा जाएगा।
विज्ञापन

-अजय कुमार पांडेय, एसपी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें