एटा। तहसील सदर की ग्राम पंचायत पिलुआ में पीडब्ल्यूडी की जमीन में फर्जीवाड़ा करने में अब पूर्व लेखपाल का नाम सामने आ रहा है। अधिकारियों की ओर से फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है जिसमें पूर्व लेखपाल पर गाज गिर सकती है।
ग्राम पंचायत पिलुआ से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-91 के चौड़ीकरण में जमीन के होने वाले अधिग्रहण में खेल होने का मामला उजागर हुआ तो तहसील के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है, इसमें पूर्व लेखपाल पूर्व लेखपाल अनिल कुमार की ओर से फर्जीवाड़ा होने के स्पष्ट संकेत दिए जा रहे हैं। अधिकारियों की बिंदुवार जांच में पूर्व लेखपाल की मिली भगत से पीडब्ल्यूडी (सरकारी संपत्ति) को क्षति होना पाया जा रहा है। इसको लेकर राजस्व विभाग एक-एक दस्तावेज का मिलान कर रहा है। वर्तमान लेखपाल राजबहादुर की ओर से सहयोग मिल रहा है इसकी वजह से जल्द खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। पूर्व लेखपाल अनिल कुमार रहे हैं जिनका एक ताजा ऑडियो रिश्वत मांगने का भी वायरल हुआ है। तहसीलदार दुर्गेश यादव का कहना है कि पड़ताल में सामने आया है कि वर्तमान लेखपाल की भूमिका संदिग्ध नहीं है और पूर्व लेखपाल के तैनाती समय में ही जमीन का अधिग्रहण प्रक्रियाएं पूर्ण की गईं थी। इसको लेकर लेखपाल से पूछताछ की जा रही है। मामला जल्द उजागर हो जाएगा।