एटा। पोषण अभियान को गति देने के लिए प्रशासन तमाम कोशिशें कर रहा है, लेकिन कर्मचारी कोशिशों पर पानी फेर रहे हैं। निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत दस्तमपुर में आंगनबाड़ी केंद्र से कार्यकर्ता गायब रही और मानदेय निकलता रहा। सीडीपीओ ने निरीक्षण किया तो कार्यकर्ता की पोल खुल गई। जांच में पता चला कि आंगनबाड़ी मथुरा में रहकर पोषण अभियान को दुरुस्त करती रही। मामले का खुलासा होने के बाद डीपीओ ने कार्यकर्ता का मानदेय रोककर सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पिछले दिनों निधौलीकलां ब्लॉक के गांव दस्तमपुर में सीडीपीओ सोनी कुशवाहा आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के लिए पहुंचीं। इस दौरान केंद्र बंद मिला, तो उन्होंने ग्रामीणों और अन्य लोगों से जानकारी की। जांच में पता चला कि कार्यकर्ता केंद्र पर नियमित नहीं आती हैं। जब पुष्टाहार बंटता है, तो बांटकर चली जाती है। जांच में यह भी सामने आया कि कार्यकर्ता किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी। वहीं हर महीने आंगनबाड़ी का मानदेय निकाला जाता रहा। मामले में डीपीओ सत्यप्रकाश पांडेय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निशा यादव को तलब किया है। साथ ही सुपरवाइजर ऊषा चौहान को नोटिस जारी किया गया है। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने विभाग को केंद्र बंद रहने की जानकारी क्यों नहीं दी। डीपीओ ने मानदेय की रिकवरी कराने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रदर्शन में फिसड्डी कार्यकत्रियों को थमाए नोटिस
हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ियों को एंड्रायड मोबाइल फोन दिलाए हैं। 20 कार्यकर्ता ऐसी सामने आई हैं, जिन्होंने मोबाइल फोन का प्रयोग विभागीय कार्य के लिए नहीं किया है। इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
संपूर्ण समाधान दिवस से गायब रहे सीडीपीओ
संपूर्ण समाधान दिवस से गायब रहने वाले अलीगंज ब्लॉक के सीडीपीओ राजीव कुमार को भी नोटिस देकर चेतावनी दी गई है। बताया जाता है कि सीडीपीओ ने बीते दो समाधान दिवस में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई थी।
दस्तमपुर में कार्यकर्ता के केंद्र नहीं खोलने का मामला सामने आया है। कार्यकर्ता शारीरिक समस्या से पीड़ित है, लेकिन उन्होंने विभाग को सूचना नहीं दी। जांच के बाद मानदेय रोका गया है और सेवा समाप्ति की तैयारी चल रही है। अन्य कार्यकर्ता को भी नोटिस दिए गए हैं।
सत्यप्रकाश पांडेय, डीपीओ एटा