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रफ्तार मेरी गेंदबाजी की ताकत, इंडिया के लिए पांच साल खेलना मेरा मकसद: दीपक चाहर

Wed, 11 Jul 2018 09:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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दीपक चाहर - फोटो : अमर उजाला
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टी-20 टीम इंडिया के मध्यम गति के गेंदबाज दीपक चाहर का कहना है कि मुझे सबसे पहले टी-20 इंडिया टीम में शामिल होने की जानकारी इंडियन क्रिकेट टीम के चीफ सलेक्टर एसएसके प्रसाद ने दी। दीपक चाहर बुधवार की सुबह शास्त्रीपुरम स्थित अपने निवास पर पहुंचे। 
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यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि आईपीएल में 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद को स्विंग कराना रही। इंग्लैंड में 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तरा से गेंद फेंकना भी मेरे लिए फायदेमंद रहा। महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरी गेंदबाजी की रफ्तार है। 

दीपक का कहना था कि उनके लिए दुनिया का कोई भी बल्लेबाज खतरनाक नहीं है। दीपक ने कहा कि मेरे पिता का ही मेरा कोच होना, मेरे लिए हमेशा फायदेमंद रहा। जहां क्रिकेट एकेडमी में एक ही कोच को कई खिलाड़ियों पर ध्यान देना होता है, वहीं घर में भी मुझे मेरे कोच पिता का लाभ मुझे मिलता था। 
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वह घर में रिकॉर्डिंग देखकर मेरी खामियां बताते थे। उनका कहना है कि दुनिया की किसी भी टीम से अधिक मजबूत भारतीय क्रिकेट टीम है। आईपीएल ने इंडिया की क्रिकेट को काफी बड़ा किया है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीम में स्थान बनाने का अवसर मिलने की संभावना बनी रहती है। 
 

कभी पिता जीतते है, तो कभी बेटा

उनका कहना था कि मेरा मकसद इंडिया के लिए कम से कम पांच साल खेलने का है। टीम में स्थान बनाना जितना मुश्किल है, उससे कहीं अधिक वहां पर टिके रहना है। दीपक ने बताया कि उन्हें किसी भी फॉर्मेट की क्रिकेट खेलने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।   

दीपक को मैदान के अलावा अपने पिता से भी घर में कभी-कभी मैच खेलना पड़ता है। यह मैच साल में एक-दो बार ही होता है। इस मैच में पिता और पुत्र के बीच इस बात को लेकर जीत-हार तय होती है कि दीपक का जिस दिन प्रेक्टिस का मन नहीं है, तो उनके पिता लोकेंद्र चाहर अपने को जीता मान लेते हैं।

इसी तरह जिस दिन पिता का दीपक के साथ जाने का मन नहीं होता है, तो उस दिन दीपक चाहर की जीत होती है। पिता और पुत्र में यह फैसला इसलिए किया गया जिससे कि जिस दिन किसी का मैदान में जाने का मन नहीं हो, तो हार के डर से वह मैदान में चले जाएं।
 

ऋषिकेश कानितकर ने आगे बढ़ाई मेरी क्रिकेट

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के डायरेक्टर रह चुके ऋषिकेश कानितकर ने दीपक चाहर की क्रिकेट को आगे बढ़ाने में सबसे अधिक योगदान दिया है। दीपक ने बताया कि  कानितकर सर ने मुझे हमेशा स्पोर्ट किया। कानितकर सर ने मुझे कभी भी मेरी गेंदबाजी को लेकर नहीं टोका।

उनका कहना था कि जो भी करो, पूरे मन से करो। मेरी गेंदबाजी को लेकर मुझे समय-समय पर टिप्स देते थे। इसके अलावा तारिक सर का मुझे राजस्थान की ओर से रणजी खिलाने में काफी योगदान रहा।


तजेंद्र छोटी फॉर्मेट का बड़ा खिलाड़ी
आगरा। आईपीएल के 2018 के सत्र में चयनित हुए आगरा के ऑल राउंडर तेजेंद्र सिंह ढिल्लन के बारे में दीपक चाहर का कहना है कि तेजेंद्र छोटे फॉर्मेट के बड़े खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी काफी शानदार हैं। इस सीजन में उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिल सका। उम्मीद है कि अगले सीजन में वह आईपीएल में मैच खेलते हुए दिखेंगे। 
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दीपक की नजर में

कोच के रूप में पिता
काफी सख्त हैं
वह कुछ नहीं सुनते
कमियों को दूर करते हैं
मैच की हरेक गेंद पर नजर रखते हैं

पिता के रूप में 
. हमेशा दोस्ताना व्यवहार रहता है
. मेरे लिए खाना खुद बनाते हैं
. मेरी हरेक समस्या को सुलझाते हैं
. मेरे नाराज होने पर मुझे मना लेते हैं
 
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