केंद्रीय कारागार में मंगलवार रात को आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी अशोक (49) का शव जेल अस्पताल के शौचालय में संदिग्ध हालात में फ्लश से फंदे पर लटका मिला। घटना से जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पर मजिस्ट्रेट ने जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
घटना आगरा की है। जेल प्रशासन के मुताबिक, मेरठ के थाना इसौली स्थित सदारनपुर निवासी अशोक पुत्र भूडे को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 14 जून 1999 से वह केंद्रीय कारागार आगरा में निरुद्ध था। वह बवासीर से पीड़ित था।
नौ जून को उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। इस पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। मंगलवार रात तकरीबन 2:45 बजे वह शौचालय में चला गया। आधा घंटे बाद एक कैदी विनोद भी शौचालय में जाने के लिए जागा।
शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था। आधा घंटे बाद भी गेट नहीं खुलने पर विनोद ने जेल कर्मियों को जानकारी दी। इस पर कर्मचारी और अधिकारी पहुंच गए। बाद में किसी तरह शौचालय का गेट खोला गया। अंदर फ्लश को चालू करने वाले हैंडल से फांसी के फंदे पर अशोक लटका हुआ था।