फिरोजाबाद। अब कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार पूरे विधिविधान से निगम द्वारा कराया जाएगा। इसके लिए निगम अधिकारियों ने सोफीपुर स्थित यमुना घाट किनारे चार वेदियां बनवाई हैं। दाह संस्कार करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें दिन-रात घाट किनारे मौजूद रहेगी। दाह संस्कार के लिए चार क्विंटल लकड़ी की व्यवस्था भी नगर निगम द्वारा की गई है।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सोफीपुर स्थित यमुना घाट के किनारे चार वेदियां कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए बनवाई गई हैं। यहां ऐसे संक्रमित शवों का दाह संस्कार किया जाएगा, जिनके शवों केा उनके परिजन नहीं ले जाते हैं। इसमें आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने वाले परिवार भी शामिल होंगे।
नगर आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। एक टीम दिन में और दूसरी टीम रात को घाट पर तैनात रहेगी। शवों को घाट तक ले जाने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की रहेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र जारी कर दिया गया है। शवों के दाह संस्कार के लिए चार सौ क्विंटल लकड़ी की व्यवस्था की गई है।
श्मशान घाटों की संख्या लगभग 15
नगर निगम क्षेत्रों में श्मशान घाटों की संख्या लगभग 15 है। इसमें सर्वाधिक शवों का अंतिम संस्कार क्लब चौराहा स्थित श्मशान घाट, छारबाग स्थित स्वार्गाश्रम, सुदामानगर नाले की पुलिया के समीप बने श्मशान घाट और रैपुरा रोड स्थित शमशान घाट पर किया जाता है।
ये श्मशान घाट शहर की आबादी के बीच में स्थित है। कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार किए जाने से लोगों को दिक्कत होती है। ऐसे में नगर निगम द्वारा संक्रमित शवों का दाह संस्कार शहर के बाहर करने की व्यवस्था की गई है।