मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप स्त्रोत सूचना विभाग
आगरा के मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंगलवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, ओवरलोडिंग पर लगाम और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर निर्देश जारी किए। मंडलायुक्त ने परिवहन, पुलिस, जीएसटी और आबकारी विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बसों, ओवरलोड वाहनों और पार्किंग के खिलाफ 27 अप्रैल से 10 दिवसीय अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर कई स्कूलों ने अब तक वाहनों का विवरण और शपथपत्र अपडेट नहीं किया है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे स्कूलों की सूची बीएसए और डीआईओएस को सौंपने के निर्देश दिए, जिससे नोटिस जारी किए जा सकें। मंडल में अब तक 3569 वाहनों की जांच की जा चुकी है।
पिछले दो महीनों में मंडल के चारों जनपद में कुल 710 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगरा में 250, फिरोजाबाद में 98, मैनपुरी में 97 और मथुरा में 265 शामिल हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक जान पैदल चलने वालों और दोपहिया सवारों की जा रही है। ऐसे में तहसील व ब्लॉक स्तर पर रोड सेफ्टी क्लब के माध्यम से जनजागरूकता अभियान को और तेज किया जाए।
एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना कम करने को बने रणनीति
एक्सप्रेसवे पर खड़े भारी वाहनों से टकराकर होने वाली जनहानि पर मंडलायुक्त ने ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर पीपीपी मोड पर पार्किंग संचालन का प्रावधान तैयार किया जाए।
ये बिंदु भी आए सामने
- मंडल में 220 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
- फिरोजाबाद और मैनपुरी में हेलमेट व सीट बेल्ट के खिलाफ चालान में 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
- मंडल में कुल 45 सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन कर उन्हें सेव लाइफ फाउंडेशन के जरिये प्रशिक्षित किया गया है।
- टोल प्लाजा और वे इन मोशन ब्रिज के माध्यम से 7338 ओवरलोड वाहनों से 18.46 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है।
- आगरा मंडल में दुर्घटना के बाद एंबुलेंस पहुंचने के रिस्पांस टाइम का सर्वे और यमुना एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती का निर्देश दिया है।