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आगराः जंबो प्लेटलेट्स का दान मिलने के बाद संक्रमित प्रसूता ने दिया बेटे को जन्म

Thu, 28 May 2020 01:01 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

अभी तक 22 संक्रमित महिलाओं का कराया जा चुका है प्रसव
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विस्तार
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एसएन मेडिकल कॉलेज में बुधवार को छीपीटोला निवासी संक्रमित 25 साल की गर्भवती महिला का प्रसव कराया गया। इसकी प्लेटलेट्स 60 हजार थीं, ऐसे में इसको प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद ऑपरेशन कराया। महिला ने बेटे को जन्म दिया है, जिसका वजन 2.70 किलो है। नवजात को बाल रोग विभाग के नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया है। 
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एसएन में अब तक 22 संक्रमित महिलाओं का प्रसव हो चुका है। इसमें स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह, डॉ. मीनल जैन, डॉ. आशा, डॉ. अंजलि, डॉ. कुलसुम, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. राजीव पुरी, डॉ. अनामिका मिश्रा, डॉ. जैफ्री, बाल रोग विभाग से डॉ. शिवप्रताप सिंह, डॉ. वैभव रहे।

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संक्रमित गर्भवती को प्लेटलेट्स की जरूरत होने पर सत्यमेव जयते के नितिन सुखेजा ने जंबो पैक दान किया है। इनके इस कार्य पर डीएम ने उनकी सराहना की है। 
 

हर रोज 30-40 गर्भवती पहुंच रहीं कोरोना की जांच कराने
प्रसव और ऑपरेशन के अलावा अब सामान्य मरीजों को भी कोरोना की जांच करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना 60 से 80 ऐसे ही महिला-पुरुष पहुंच रहे हैं जिनको प्रसव या इलाज कराना है। इनमें आधी संख्या तो गर्भवती महिलाओं की ही है। इनके लिए अलग से व्यवस्था की गई है।

प्रसव के लिए पहले से ही निजी चिकित्सकों ने कोरोना की जांच अनिवार्य कर दी है। अब कैंसर, किडनी, लिवर जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को देखने से पहले भी कोरोना की जांच कराई जा रही है। इससे जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अभी तक 30 से 50 मामले रहते थे, अब यह संख्या लगभग दुगनी हो गई है।

जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि गर्भवती, डायलिसिस, कीमोथेरेपी समेत अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीज भी कोरोना की जांच कराने आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए यहां अलग से व्यवस्था की है। चलने-फिरने में लाचार मरीजों को जांच कराने तक ले जाने के लिए दो वार्ड ब्वॉय भी सुरक्षा उपकरणों के साथ लगाए गए हैं।
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आईएमए सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा कि प्रसव और गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के लिए कोरोना की जांच पहले कराने से मरीज और चिकित्सक दोनों के लिए बेहतर है, इससे यदि कोई मरीज पॉजिटिव है तो उसका उसी तरह से इलाज किया जा सकेगा।
 
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