छारबाग स्वर्गाश्रम में अपनों की रखी अस्थियां
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पितृ पक्ष में भले ही लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध के साथ पुरोहितों को भोजन कराने में जुटे हों, लेकिन जिले में ढाई सौ मृतक ऐसे भी हैं, जिनके परिजनों ने अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी अस्थियों के विसर्जन की सुध नहीं ली। उनकी अस्थियां आज भी श्मशान घाट में विसर्जन और तर्पण के इंतजार में रखी हैं।
जलेसर रोड स्थित श्मशान घाट पर करीब 150 से अधिक अस्थियों को यहां के स्टाफ ने बोरियों में भरकर एकत्रित कर रखा है। इन अस्थियों को गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार है। यही हाल रामनगर छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम का है।
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यहां की देखरेख करने वाले आलिंद अग्रवाल बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपने मृत परिजनों की अस्थियां खुद ही विसर्जन के लिए ले जाते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान मृत लोगों की अस्थियां कई परिवार के लोग लेने नहीं आए हैं। ऐसी अस्थियां एकत्रित कर रखी गई हैं। बताया कि यहां करीब 100 लोगों की अस्थियां हैं, जिन्हें विसर्जन करने के लिए कोई नहीं आया है।