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कोरोना का कहर: ऑक्सीजन के लिए मां को लेकर भटकता रहा बेटा, अस्पतालों ने किया इनकार, नहीं बची जान

Fri, 23 Apr 2021 05:41 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टूंडला (फिरोजाबाद)

सार

फिरोजाबाद जिले के टूंडला निवासी 47 वर्षीय महिला की गुरुवार रात ऑक्सीजन न मिलन से मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थी।
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घर के अंदर रखा महिला का शव, दरवाजे पर बैठा बेटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑक्सीजन की किल्लत के बीच कोरोना वायरस मरीजों पर काल बनकर टूट रहा है। किसी अस्पताल में बेड नहीं है तो कहीं ऑक्सीजन...। इलाज के अभाव से मरीज दम तोड़ रहे हैं। ऐसी ही घटना फिरोजाबाद के टूंडला निवासी एक परिवार के साथ हुई। कोरोना संक्रमित मां के लिए लिए बेटा और बेटी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे, लेकिन उन्हें मां के लिए न बेड मिला न ऑक्सीजन। इलाज के अभाव में मां ने गुरुवार रात दम तोड़ दिया। 

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टूंडला के लाइनपार स्थित स्वरूप नगर निवासी राकेश यादव (50) और उनकी पत्नी सीमा यादव 47 एक हफ्ते पूर्व तबीयत बिगड़ी थी। उन्होंने अपनी कोविड जांच कराई। दोनों कोरोना संक्रमित पाए गए। तब पति-पत्नी घर में ही आइसोलेट हो गए। बीते सोमवार को राकेश की तबीयत अधिक खराब होने पर आगरा के एत्माद्दौला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
 
मां का घर में ही बेटी नेहा (24) व बेटा आकाश (22) देखभाल कर रहे थे। गुरुवार शाम पांच बजे करीब सीमा की तबीयत बिगड़ने लगी। उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। भाई-बहन प्राइवेट कार से मां को उपचार के लिए आगरा ले गए। आकाश के मुताबिक आगरा में वह कोरोना संक्रमित मां को भर्ती कराने के लिए जिस अस्पताल में पिता भर्ती थे वहां ले गए, लेकिन वहां भी बेड व ऑक्सीजन की कमी बताते हुए भर्ती नहीं किया। 

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मां के इलाज के लिए पांच घंटे भटकते रहे
भाई-बहन मां के इलाज के लिए करीब पांच घंटे तक एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे। उनकी मां को उपचार तो दूर ऑक्सीजन तक नहीं मिली। आखिरी उम्मीद में वे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिला। इसी बीच बेटी की गोद में मां ने दम तोड़ दिया। इसके बाद कार चालक जबरन शव उतरवाकर भाग गया। 

किसी तरह रोते-बिलखते भाई-बहन मां के शव को प्राइवेट एंबुलेंस से लेकर वापस घर आ गए। मौत के बाद मृतका के परिवार को सिस्टम की खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। मृतका का बेटा रात में मां का अंतिम संस्कार कराने की गुहार लगाता रहा, लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। सारी रात भाई-बहन शव के पास बैठकर बेबसी पर आंसू बहाते रहे। सुबह एक बार फिर उसने प्रयास किया तब दोपहर 12 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची तथा शव को सील कर अंतिम संस्कार कराया गया। 

बेटा रातभर सीएमओ के मोबाइल पर करता रहा कॉल 
आगरा में कोरोना संक्रमित मां की मौत के बाद शव लेकर घर पहुंचा बेटा मां अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन से मदद मांगी। उसे डीएम ऑफिस से सीएमओ का नंबर दिया गया। सीएमओ के नंबर उसने कई बार कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। आकाश के मुताबिक सुबह नौ बजे बात हो सकी। जानकारी पर सीएमओ ने अफसोस जताया और शीघ्र टीम भेजने की बात कही, फिर भी टीम तीन घंटे बाद पहुंची। 
 
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आगरा के अस्पताल में भर्ती हैं पिता 
कोरोना संक्रमित पिता राकेश यादव आगरा के अस्पताल में जिंदगी के लिए मौत से जूझ रहे हैं। परिजनों के मुताबिक राकेश को पत्नी की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। कोरोना काल से पूर्व राकेश प्राइवेट आईटीआई चला रहे थे, लेकिन पिछले साल से ही आईटीटाई भी बंद है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टूंडला के अधीक्षक डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे करीब कोरोना संक्रमित महिला की मौत की जानकारी मिली थी। तत्काल जिला अस्पताल में सूचना दे दी गई थी। टीम ने पहुंचकर शव को सील करते हुए अंतिम संस्कार कराया है। 

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