एटा जनपद में कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत के बाद परिजन व गांव के लोगों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी और तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट की। शव को बिना सील कराए जबरन ले गए।
सकरौली थाना क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी 70 वर्षीय एक वृद्ध आठ दिन पहले कोरोना संक्रमित हुए। वह भाजपा में पदाधिकारी भी रह चुके हैं। होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा था। शुक्रवार शाम ऑक्सीजन लेवल ज्यादा कम हुआ तो परिजन चुरथरा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। शनिवार सुबह 8.45 बजे उनकी मौत हो गई। इसके कुछ ही मिनट बाद परिजन और गांव के कई लोग इकट्ठे होकर अस्पताल आ गए। उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। जो कर्मचारी मिले, उनके साथ मारपीट की। इसमें वार्डब्यॉय प्रभात, पीतांबर को लाठी-डंडों और सरियों से पीटकर घायल कर दिया। अन्य स्टाफ से भी अभद्रता की। करीब आधे घंटे तक अस्पताल में अराजकता का माहौल बना रहा। इस बीच बिजली चली गई लेकिन जेनरेटर नहीं चल सका। ऑक्सीजन वाले मरीजों की जान का खतरा पैदा हो गया। हंगामा करने के बाद परिजन शव को लेकर चले गए। जख्मी प्रभात ने मुकेश, निखिल, अतुल और 10-15 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
संक्रमित वृद्ध का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। परिजनों को समझाया कि यह एल-वन अस्पताल है। इसलिए इनका उपचार संभव नहीं है। लेकिन दबाव डालकर उन्हें भर्ती करा दिया गया। सुबह मौत होने के बाद परिजन व अन्य लोगों ने हंगामा किया। शव को जबरन ले गए।
- डॉ. राकेश सिंह, प्रभारी कोविड अस्पताल
आरोपी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मतगणना संपन्न कराने के बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया जाएगा।
- पीके कुरील, थाना प्रभारी अवागढ़
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