आगरा में जिला जज मयंक कुमार जैन ने थाना बसई अरेला के दहेज हत्या के मामले में दोषी पाए गए मृतका आरती के पति रामू और ससुर महादेव निवासी नगला बरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामले में गवाह मुकर गए थे, इसके बावजूद आरोपियों को सजा हुई। एक आरोपी सास अब भी फरार है। उसके गैर जमानती वारंट कट चुके हैं।
नौ दिसंबर 2017 का है मामला
फतेहाबाद के गांव खंडेर तुस्सीपुरा के रामवीर ने 18 दिसंबर 2017 को थाना बसई अरेला में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया गया था कि बेटी आरती की शादी 28 अप्रैल 2013 को रामू के साथ की थी। आरती का पति, सास और ससुर दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करते थे। एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। नौ दिसंबर 2017 को केरोसिन डालकर आरती को जलाकर मार डाला।
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मृत्यु से पूर्व मजिस्ट्रेट को आरती ने अपने बयान में आरोप की पुष्टि की। आरती के दो बच्चे हैं। मृतका की सास सुमित्रा उर्फ सुभद्रा को भी नामजद किया गया था। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) बसंत कुमार गुप्ता ने कोर्ट में दस गवाह पेश किए, जिनमें से वादी सहित चार गवाह पक्षद्रोही हो गए थे।
वादी ने पूर्व में दिए बयान में बेटी की दहेज के लिए हत्या की पुष्टि की थी, लेकिन जिरह में बयान से पलट गया था। इसके अलावा तीन और लोगों ने बयान पलट दिया। लेकिन अदालत ने अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी सास फरार है।
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