आगरा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली ने युवक की हत्या कर शव फांसी पर लटकाने के मामले में प्रेमिका सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जीआरपी आगरा कैंट के थानाध्यक्ष को विवेचना करने के आदेश दे दिए। मृतक संदीप के भाई कायम सिंह का आरोप है कि विवाह के बहाने बुलाकर भाई की हत्या कर दी गई थी।
जिला औरेया के मकंदरपुर निवासी कायम सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि उनके भाई संदीप के कन्नौज निवासी भावना से प्रेम संबंध थे। भावना के परिजन इस रिश्ते से नाराज थे, उन्होंने संदीप को जान से मारने की धमकी दी थी। इस वजह से परिजन के भाई को जयपुर भेजा, पर भावना फोन पर उससे जुड़ी रही।
20 मार्च 2026 को भावना ने संदीप को फोन कर आगरा आने को कहा, बोला कि परिजन शादी के लिए कोर्ट मैरिज कराने के लिए तैयार है, तुम अपने साथ शैक्षिक प्रमाण पत्र और फोटो ले आना। भाई अपने दोस्त गोविंद को बताकर मोबाइल, कपड़े और 25 हजार रुपये लेकर जयपुर से आगरा आ गया। आगरा कैंट पर भावना और उसके परिजन ने भाई से मुलाकात की।
इसके बाद वह उसे अपने साथ ले गए, हत्या कर शव पेड़ पर लटका दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली ने अधिवक्ता के तर्कों पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में प्रेमिका भावना, पिता गिरिंद, ताऊ मकरंद और मौसा सुरेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिए।