कासगंज। जिला सत्र न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम की कोर्ट ने आगजनी के मामले में दोषी को तीन साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर सजा में एक माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
सिढ़पुरा के मगथरा गांव निवासी गंगा प्रसाद 31 जनवरी 2008 को अपने घर पर सो रहा था। रात के समय गांव निवासी खेमकरन ने उसके भूसे की बुर्जी, उपलों की बिटिया और छप्पर में आग लगा दी, हादसे में उसका सारा सामान जल गया। पशुओं की जान मुश्किल से बचाई जा सकी।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाई थी। पीड़ित ने इस मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। पुुलिस ने खेमकरन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट में खेमकरन आगजनी का दोषी पाया गया। इसके बाद कोर्ट ने अपनी सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।