मैनपुरी। थाना घिरोर में एक साल पहले रिपोर्ट लिखाने केे बाद अदालत में झूठी गवाही देने वाले को जिला जज विजेंद्र सिंह ने तीन महीने की सजा सुनाई है। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा की दलील सुनने केे बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
थाना घिरोर में एक साल पहले घर में घुसकर छप्पर में आग लगाने, विरोध करने पर गालियां देकर जान से मारने की धमकी देने के मुकदमे में अदालत में झूठी गवाही के आधार पर आरोपी जय कुमार निवासी ढकरई थाना घिरोर को अदालत से बरी कर दिया गया था। रिपोर्ट लिखाने वाले को जिल जज ने नोटिस देकर अदालत में तलब किया था। सोमवार को रिपोर्ट लिखाने वाले धर्मेंद्र कुमार निवासी ढकरई अपना पक्ष रखने के लिए जिला जज विजेंद्र सिंह की कोर्ट में हाजिर हुआ। जिला जज के सामने धर्मेंद्र ने झूठी गवाही देने की बात स्वीकार की। डीजीसी फौजदारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा की दलीलों को सुनने के बाद जिला जज ने उसको झूठी गवाही देने का आरोपी पाया। जिला जज ने उसको तीन महीने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
यह है मामला
थाना घिरोर के ढकरई निवासी धर्मेंद्र कुमार ने 28 जून 2018 को थाना घिरोर में गांव के जयकुमार केे खिलाफ घर में घुसकर छप्पर में आग लगाने, विरोध करने पर गालियां देकर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट लिखाई थी। जिला जज की अदालत में सुनवाई के दौरान धर्मेंद्र ने घटना से ही इंकार कर दिया था। जिस आधार पर जय कुमार को आरोप से बरी कर दिया गया था।