मैनपुरी। न्यायालय के आदेश के बाद भी कोतवाली में जमा लाइसेंसी राइफल लाइसेंस धारक को नहीं देना कोतवाली प्रभारी को महंगा पड़ा है। सीजेएम तेंद्रपाल ने एसपी को पत्र लिखा है। लाइसेंस धारक को राइफल नहीं देने पर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2003 में हुई एक हत्या के मामले में अवधेश मिश्रा उर्फ ढिल्लन निवासी मधाऊ थाना कोतवाली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उनकी लाइसेंसी राइफल और लाइसेंस कोतवाली पुलिस ने कोतवाली के मालखाने में जमा करा दिया था। अदालत से यह मुकदमा छूट गया। इसमें अवधेश को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया। बरी होने के बाद अवधेश ने अपनी राइफल पाने के लिए सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया।
सीजेएम तेंद्रपाल ने दो सितंबर को कोतवाली पुलिस को जमा राइफल लाइसेंस धारक को लौटाने के आदेश दिए। पुलिस ने राइफल वापस नहीं की तो अवधेश ने सीजेएम कोर्ट में शिकायत की। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेएम ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सीजेएम ने एसपी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है संबंधित राइफल और लाइसेंस वैध धारक को वापस कराना सुनिश्चित करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।