मधुनगर निवासी अवनीश कुमार गुप्ता ने 17 फरवरी 2018 को केस दर्ज कराया था। बताया कि 14 फरवरी को उनका छोटा भाई कृष्णा बाबू घर से रायभा जाने के लिए निकला था। बिचपुरी के पास भांजे शिवम ने कृष्णा को सेक्टर छह निवासी ऋषि व दो अन्य युवकों के साथ जाते देखा था। शिवम ने रुकने के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन उन्होंने आवाज को अनसुना कर दिया।
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तहरीर में भाई के अपहरण और अनहोनी की आशंका जाहिर करने पर पुलिस ने ऋषि को पकड़ा। उसने कृष्णा की हत्या कबूल की। बताया कि रायभा निवासी पवन और टिल्लू उर्फ चंद्रभान, मृतक की पत्नी प्रतिभा गुप्ता भी हत्या में शामिल थीं।
पुलिस ने केस में चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई। मुकदमा विचारण के दौरान आरोपी टिल्लू फरार हो गया। अपर जिला जज नसीमा ने टिल्लू की पत्रावली अन्य तीनों आरोपियों से अलग कर दी। तीनों को अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई।
अभियुक्त ऋषि और पवन को हत्या में आजीवन कारावास व 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड, जबकि अपहरण में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मृतक की पत्नी प्रतिभा गुप्ता को भी हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट में एडीजीसी राजीव धाकरे एवं वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह भैया ने 8 गवाह एवं हत्या से जुड़े साक्ष्य पेश किए।