सहकारी समिति के सामान को बेचकर रुपये हड़पने और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में कन्नौज के गांव मानीमऊ निवासी बुजुर्ग विनोद बिहारी दुबे (87) को दोषी पाया। एसीजेएम-2 बटेश्वर कुमार ने उसे 40 वर्ष बाद एक वर्ष की परिवीक्षा (सर्शत निगरानी) पर रिहा करने का आदेश दिया।
आगरा में सहकारी समिति के सामान को बेचकर रुपये हड़पने और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में कन्नौज के गांव मानीमऊ निवासी बुजुर्ग विनोद बिहारी दुबे (87) को दोषी पाया। एसीजेएम-2 बटेश्वर कुमार ने उसे 40 वर्ष बाद एक वर्ष की परिवीक्षा (सर्शत निगरानी) पर रिहा करने का आदेश दिया।
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अदालत ने कहा है कि इस दौरान आरोपी किसी अपराध में संलिप्त नहीं हो, शांति बनाए रखेगा। अगर आदेश का पालन नहीं किया तो सजा भुगतनी होगी। थाना डौकी में सहकारी समिति बमरौली कटारा के सचिव केंद्रपाल सिंह ने वर्ष 1984 में केस दर्ज कराया था।
आरोप लगाया था कि 10 मार्च 1984 को उन्होंने 51 क्विंटल चीनी और 4000 लीटर केरोसिन ग्रामीणों को बांटने के लिए विनोद बिहारी दुबे को दिया था। आरोपी ने पूरा सामान बेचकर रकम सहकारी समिति के खाते में जमा नहीं कराई।