आगरा के परिवार परामर्श केन्द्र में एक दंपती के बीच का प्यार देखकर काउंसलर भी हैरान रह गए। दरअसल पति ने शराब पीने से मना करने पर पत्नी की पिटाई कर दी। गुस्से में पत्नी ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। रविवार को पहली तारीख पर दोनों आमने-सामने आए तो आंखों से आंसू छलक पड़े। दोनों एक-दूसरे को देखकर रोने लगे। यह देखकर काउंसलर भी भावुक हो गए। उन्हें चुप कराया और गिले-शिकवे दूर कर साथ जाने के लिए कहा।
तीन साल पहले हुई थी शादी
नोएडा के युवक की शादी तीन साल पहले आगरा की युवती से हुई थी। पति प्राइवेट जॉब करता है। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति शराब पीता था। तीन महीने पहले शराब पीकर आया था। उसने शराब पीने से मना किया तो पति ने पिटाई कर दी। वह डेढ़ साल के बच्चे को लेकर मायके आ गई। वह पति से गुस्सा थी। पति भी उसे लेने नहीं आया। उसे लग रहा था कि पति साथ रखना नहीं चाहता है। इसलिए परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की।
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पहली तारीख में हुआ समझौता
केंद्र की प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी ने बताया कि रविवार को पहली तारीख थी। दोनों आए थे। उन्हें काउंसलर ने कुर्सी पर बैठाया। दोनों आमने-सामने आए तो बिना बोले ही रोने लगे। पहले तो काउंसलर ने समझाने का प्रयास किया। मगर, वो फूट-फूटकर रोने लगे। दोनों को समझाया गया। उनसे कहा गया कि वह आपस में बातचीत करें, इसके बाद आएं।
शक ने तोड़ा रिश्ता, पुलिस ने जोड़ दिया
मूलरूप से इटावा के युवक की शादी डेढ़ साल पहले आगरा की युवती से हुई थी। युवती गर्भवती है। उसकी दोस्ती फोन पर एक युवक से हो गई। दोनों फोन पर बात करने लगे। पति को भनक लग गई। इस पर झगड़ा शुरू हो गया। पति को शक था कि बच्चा भी उसका नहीं है। युवती ने पति के सामने स्वीकार किया कि उसकी फोन पर अनजान युवक से दोस्ती है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।
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बच्चे की खाई कसम
उसने बच्चे की कसम भी खाई। मगर, पति मानने को तैयार नहीं हुआ। दोनों अलग हो गए। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। केंद्र प्रभारी ने बताया कि पति को समझाया गया। उससे कहा कि पत्नी सच बोल रही है। वह यह भी कह सकती थी कि उसकी दोस्ती नहीं है। अगर, कुछ गलत करती तो कभी सच नहीं कहती। सात जन्मों का रिश्ता ऐसे नहीं तोड़ा जाता। चार काउंसिलिंग के बाद पति को समझ आ गया। वह पत्नी के साथ जाने के लिए खुशी से राजी हो गया। इस तरह 11 जोड़ों के बीच सुलह कराई गई। उन्हें साथ भेजा गया।