मेयर साहिबा, सालभर से वार्ड में एक काम नहीं हुआ
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उत्तर प्रदेश के आगरा में विकास कार्यों की फाइल पर मार्च से रुके पड़े हस्ताक्षर के कारण वार्डों में नालों की मरम्मत हो पाई, न अन्य काम हो सके। इस पर बजट अधिवेशन में 22 साल के सबसे कम उम्र के भाजपा पार्षद हर्षित शर्मा भड़क उठे। वार्ड 24 मोहनपुरा के पार्षद हर्षित ने मेयर हेमलता दिवाकर से कहा कि एक साल में उनके वार्ड में एक भी काम नहीं हुआ। भाजपा समेत विपक्षी पार्षदों ने मेज थपथपाकर उनकी शिकायत का समर्थन किया।
भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों ने उनसे शिकायत की जगह बजट पर बोलने को कहा, लेकिन हर्षित ने कहा कि वह सत्ता पक्ष के हैं, पर उनका सम्मान नहीं बचा। भेदभाव हो रहा है। वार्ड में एक साल से कोई काम नहीं हुआ। दूसरों के 36 काम हो गए, उनका एक भी पास नहीं हुआ। उनके क्षेत्र में एक विकास कार्य हुआ, पर उद्घाटन किसी और से ठेकेदार ने करा लिया। उनके सम्मान से खिलवाड़ हो रहा है। पार्षद हेमलता चौहान ने कहा कि पार्षद की स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। उनकी ही ठीक नहीं हो रही तो किसकी होगी।
12 हजार रुपये मानदेय का प्रस्ताव
नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद दल के उपनेता प्रकाश केशवानी ने पार्षदों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पार्षदों को मानदेय के नाम पर केवल 1500 रुपये मिलते हैं। इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया जाए। पार्षदों ने यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास कर दिया। मेयर ने कहा कि इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। नगर आयुक्त से चर्चा के बाद फैसला होगा, पर जल्द ही खुशखबरी दी जाएगी।
बिना पढ़े ही जलकल का बजट किया पास
बजट अधिवेशन पूर्वाह्न 11 बजे की जगह 11:35 बजे शुरू हुआ। नगर निगम बजट पर चर्चा के बाद जलकल विभाग का बजट बिना पढ़े और चर्चा के बिना ही पास कर दिया गया। कई पार्षद जलकल विभाग के लीकेज, पानी की लाइनों के लिए बजट बढ़ाने के प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ा।
जिन कुत्तों की नसबंदी, उनके हुए बच्चे
बजट पर चर्चा के दौरान पार्षद रवि माथुर ने कुत्तों और बंदरों की नसबंदी पर सवाल उठाए और कहा कि फर्जी बिल बनाए गए हैं। जिन कुत्तों की नसबंदी के दावे किए, उनके बच्चे हो गए। पिछले साल 5 करोड़ रुपये खर्च किए, पर बंदरों, कुत्तों की आबादी बढ़ रही है। इसका असर क्यों नहीं हुआ। शहर में 80 हजार कुत्ते हैं तो इन्हें कब गिना गया। फिर से 6 करोड़ रुपये का बजट पास करने पर आपत्ति जताई। पार्षद हेमंत प्रजापति ने स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए आने वाले कर्मचारियों को सामान का प्रपत्र देकर भेजने के लिए कहा।
नगर निगम का बजट...यहां होगा खर्च
- ठेके पर सफाई : 80 करोड़
- सफाई मित्र : 100 करोड़
- डीजल, सीएनजी : 26 करोड़
- स्ट्रीट लाइट बिल : 35 करोड़
- सड़कों की मरम्मत : 75 करोड़
- नालों की मरम्मत : 24 करोड़
- पार्कों का रखरखाव : 15 करोड़
- वाहनों की मरम्मत : 12 करोड़
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन : 35 करोड़
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन : 20 करोड़
- श्वान, बंदरों की नसबंदी : 6 करोड़
- शौचालय निर्माण : 12 करोड़
- एलईडी स्थापना : 18 करोड़
- अमृत योजना अंशदान : 30 करोड़
- सोलर प्लांट स्थापना : 44.72 करोड़