आल इंडिया इम्प्लाइज बैंक एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एनडीए सरकार को कर्मचारी विरोधी और कारपोरेट को फायदा पहुंचाने वाला बताया। वह सूरसदन में मंगलवार को हुए कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। 23 फरवरी को दसवें द्विपक्षीय समझौते में वेतनवृद्धि व अन्य कई शर्तों पर सरकार को राजी कर लेेने के बाद उनका कार्यक्रम में जोरदार स्वागत किया गया।
खचाखच भरे सदन में उन्होंने कहा, संसद में 82 फीसदी सांसद करोड़पति हैं और सभी की औसत आय 14 करोड़ रुपये है। इसलिए उन्हें आम आदमी की फि क्र नहीं है। सरकार ने बजट में ग्रामीण विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च की जानी वाली रकम में कटौती की, जबकि इसे बढ़ाना चाहिए था। कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कारपोरेट टैक्स को पांच फीसदी घटा दिया। विभिन्न तरह से सरकार ने इन घरानों को बजट से 5.70 लाख करोड़ रुपये का लाभ दिया है। उन्होंने फैक्ट्री कानून और लेबर कानून में बदलाव कर मजदूरों के शोषण के आरोप भी लगाए। कहा कि सरकार पब्लिक सेक्टर को बेच रही है। बैंकों में अपनी पूंजी को 85 प्रतिशत से 52 प्रतिशत पर लाना चाहती है। उन्होंने संघ के घर वापसी कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। कहा, ये सरकार सांप्रदायिक है। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष पीएन तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, शिवदर्शन तिवारी, पीके सिंह, केके तिवारी मंचासीन रहे। संचालन उपाध्यक्ष एमएम राय ने किया।
समझौते से ये मिली सौगात
-वेतन में 15 फीसदी की वृद्धि नवंबर 2012 से लागू होगी।
- महीने के दो शनिवार को पूरी छुट्टी होगी।
- साल में अब कुल छुट्टियां पहले से ज्यादा।
- मेडिकल इंश्योरेंस में परिवार के लोगों के इलाज पर ज्यादा भुगतान।
- मेटरनिटी लीव दो की जगह छह महीने की। 35 हजार रुपये बतौर मेडिकल एलाउंस मिलेंगे।
- चार दिन तक बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के छुट्टी ले सकेंगे कर्मचारी।
- सोरोगेट चाइल्ड के मामले में भी छह महीने की छुट्टी।
- पत्नी के संतान होने पर 15 दिन की छुट्टी मिलेगी।
- किडनी डोनेट करने पर एक महीने की छुट्टी और वेतन भी।
- गंभीर बीमारी में एक साल की छुट्टी और वेतन भी।
- ट्रेनिंग व अन्य ड्यूटी कार्य पर क्लर्क को भी अफसरोें की तरह होटल में ठहरने का भत्ता।
- ट्रांसफर पर ट्रेन की जगह अब लॉरी का भाड़ा।