आगरा के जूता कारोबारी का पूरा परिवार कोरोना वायरस को मात देकर घर लौट आया है। परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन फिलहाल लोगों से मिलने से बच रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिल्ली से डिस्चार्ज होकर लौटे जूता कारोबारी के बेटे का कहना है कि घबराएं नहीं बल्कि सतर्कता बरतने की ज्यादा जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि विदेश यात्रा की है या कोरोना वायरस के लक्षण प्रतीत हो रहे हैं तो इसे छिपाएं नहीं बल्कि पहल करते हुए खुद ही जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दें। ऐसा करोगे तो खुद और औरों का भी बचाव होगा।
उन्होंने कहा कि परिवार में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में जरूर आए थे, लेकिन इलाज और सरकार के इंतजाम से इस पर जीत पाई। बताया कि करीब 17 दिन आइसोलेशन वार्ड में एकांतवास गुजारा, अपनों से मिल भी नहीं पाए, फोन पर ही सभी की खैर खबर ली।
'पापा, क्यों टेंशन ले रहे हो मैं ठीक हूं'
पापा, क्यों टेंशन ले रहे हो, मैं अच्छा हूं, हम सभी ठीक होकर घर लौटेंगे। 15 साल के बेटे की जब यह बातें सुनते तो उनकी हिम्मत और बढ़ जाती। बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होकर लौटे जूता कारोबारी के बड़े बेटे ने फोन पर यह बातें बताईं।
कारोबारी ने कहा कि 18 दिन तक परिवार से नहीं मिले, फोन पर ही बात होती थी। वीडियो कॉल भी करते थे, बेटे को लेकर चिंता थी, लेकिन वो हमसे भी ज्यादा बहादुर निकला। उन्होंने बताया कि दो मार्च को नमूना दिए और तीन को पॉजिटिव आया तो डर लगा, घबराहट भी थी।
सोचते थे कि जाने क्या होगा, पूरे परिवार को बीमारी लग गई है, लेकिन दिल्ली में जब भर्ती हुए तो वहां डॉक्टरों की काउंसिलिंग से हिम्मत बंधी। रोजाना तीन से पांच बार ब्लडप्रेशर, शरीर का तापमान की जांच होती थी।