अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आंकड़ों में जबरदस्त उछाल आया। संक्रमण दस गुना तेजी से बढ़ा। 22 अप्रैल को कुल 15602 मरीज थे। 29 अप्रैल को ये 19562 पहुंच गए। 7 दिनों में 3960 नए मरीज मिले। इसी तरह 22 अप्रैल को मृतक संख्या 208 थी जो 29 अप्रैल को 257 पहुंच गई है। इन सात दिनों में 49 मरीजों ने दम तोड़ दिया। पहले सप्ताह की तुलना में अंतिम सप्ताह में 16 गुना अधिक मरीजों की जान चली गई। इस बीच 26568 लोगों की जांच की गई है।
पिछले साल अप्रैल माह की तुलना में 15 गुना मरीज मिले
ताजनगरी में पिछले साल 2 मार्च को पहला केस मिला था। अप्रैल माह में कुल 537 मरीज मिले थे और 10 मरीजों की मौत हुई थी। पूरे माह में कुल 5738 लोगों की जांच की गई थी।
पिछले साल की तुलना में भी इस बार अप्रैल माह के 29 दिन में 8823 मरीज मिले हैं। ये आंकड़ा भी करीब 15 गुना अधिक है। दूसरी लहर में अप्रैल के अंतिम सात दिनों में रोज 7 मरीजों की मौत का औसत रहा है। 7 दिन में 49 मरीजों ने दम तोड़ा है। इतनी संख्या में मरीजों की मौत पिछले 15 महीने में कभी नहीं नहीं हुई थी।