आगरा में कोरोना वायरस की दहशत के कारण गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जा रहा। बृहस्पतिवार को एक और मामला सामने आया। शहर की निजी चिकित्सक ने गर्भवती को अस्पताल लाने को तो कह दिया, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया।
प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने गर्भवती को लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) में भर्ती कराया, जहां जांच में पता चला कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है। यहां डॉक्टर ने महिला का प्रसव कराने के लिए दवाएं दी हैं।
शास्त्रीपुरम निवासी दीपिका शर्मा (30) को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों के अनुसार उन्होंने अर्जुन नगर स्थित अस्पताल (जहां उनका पहले से इलाज चल रहा था) की डॉक्टर को फोन पर जानकारी दी, उन्होंने गर्भवती को अस्पताल लाने के लिए कहा।
परिजनों के गिड़गिड़ाने पर भी नहीं पसीजा दिल
यहां पहुंचे तो अस्पताल बंद था। गर्भवती के भाई प्रशांत शर्मा ने बताया कि बहन के प्रसव पीड़ा तेज होने पर कंपाउंडर को डॉक्टर को जानकारी देने के लिए कहा, लौटकर कंपाउंडर ने बताया कि मैडम ने कहा कि यहां भर्ती नहीं कर पाएंगे, सरकारी अस्पताल में ले जाओ।
काफी गिड़गिड़ाने पर भी भर्ती नहीं किया, फोन किया तो डॉक्टर ने स्विच ऑफ कर लिया। ऐसे में तत्काल वहां से लेडी लॉयल में एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया, यहां जांच होने पर चिकित्सकों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है। ग
महिला के पति राहुल ने बताया कि यदि निजी अस्पताल में पत्नी को भर्ती कर लिया जाता तो गर्भस्थ शिशु की जान बच सकती थी। कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा सिंह ने बताया कि यहां जब भर्ती हुई थी, तब जांच से पता चला गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है। प्रसव कराने के लिए दवाएं दी जा रहीं हैं।
रजिया का भी ऑटो में हो गया था प्रसव
बोदला की रजिया को भी बुधवार को निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं किया, लेडी लॉयल में भी इलाज नहीं मिला था, ऐेसे में टूंडला रोड स्थित अस्पताल लेकर जाते वक्त ऑटो में ही प्रसव हो गया था, जिसमें मृत बच्चे को जन्म दिया। जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचे यहां दूसरे शिशु का जन्म हुआ। यह नवजात आइसीयू में भर्ती है।