बच्चों को न जाने दें घर से बाहर
आईएमए आगरा के निर्वतमान अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी यादव ने कहा कि बच्चों के लिए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। उन्हें बाहर नहीं जाने दें। युवा व घर के अन्य सदस्य भी सीधे बच्चों के संपर्क में न आएं। इस बात का ध्यान रखेंगे तो बच्चों को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है। नवजात बच्चों के लिए विशेष उपचार के इंतजाम विकसित करने की जरूरत है।
कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं लगभग 400 बच्चे
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी लगातार चपेट में आ रहे हैं। अब तक करीब 400 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। एक वर्ष और उससे भी छोटी उम्र के बच्चों में जिले में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते में संक्रमित बच्चों की संख्या (दस वर्ष से कम उम्र के) 219 थी।
एक माह में रोजाना पांच या उससे अधिक बच्चे संक्रमण की चपेट में आए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों को कोरोना से बचाव के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। घर से बाहर बहुत जरूरी होने पर ही वह भी बचाव के उपायों के साथ निकलें। कोरोना की चेन तोड़कर ही इसकी रफ्तार को रोका जा सकता है।