लॉकडाउन के 73 दिनों में मथुरा जिले में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 97 थी, जबकि अनलॉक में यह आंकड़ा महज 15 दिन में 172 तक पहुंच गया। 15 दिनों में 75 नए संक्रमित बढ़े। सोमवार को प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार एक संक्रमित मिला। वहीं, निजी लैब से चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस संख्या को प्रशासन ने अपने आंकड़े में शामिल नहीं किया है।
कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन लागू हुआ था। लॉकडाउन के दौरान जिले में सिर्फ 97 मामले सामने आए थे, लेकिन एक जून से अनलॉक के साथ मिली छूट के बाद लोग बाजारों में उमड़ पड़े। सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए। मास्क लगाने की अपील बेअसर दिखी।
नतीजा यह रहा कि जनपद में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अनलॉक के 15 दिन में 75 केस सामने आए हैं। यह संख्या लॉकडाउन के 73 दिनों पर भारी पड़ रही है। कोरोना संक्रमितों का यह आंकड़ा हर किसी को डराने लगा है।
अनलॉक के 15 दिन में सर्वाधिक 75 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। इस दौरान दो महिलाओं की मौत भी हो गई। इसके बावजूद लोग सावधानी नहीं बरत रहे। सोमवार को बाजारों में भीड़ उमड़ी। लोग न सामाजिक दूरी का पालन करते दिखाई दिए औ न ही मास्क लगाए।
एक ही दिन में निकले थे 37 केस
छह जून को एक कोरोना मरीज मिला, सात जून को पांच, आठ को फिर एक केस मिला। इसके बाद रफ्तार बढ़ी और नौ जून को दो केस मिले। 10 और 11 जून को चार-चार केस सामने आए। 11 जून को कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक 37 मरीज सामने आए।
संयुक्त जिला अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पीयूष चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए बार-बार हाथ धोएं, अगर कोई खांसे या छींके तो उससे उचित दूरी बनाए रखें। अपनी आंखें, नाक या मुंह को न छुएं। खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को कोहनी या टिश्यू पेपर से ढक लें। अगर आपको बुखार, खांसी है, और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर के पास जाएं।