अफसरों में तालमेल की कमी रही। इसे दूर कर लिया है। संक्रमण के मामले बढ़े हैं, लेकिन मरीजों के दोगुने होने की रफ्तार घटी है। स्वास्थ्य विभाग, एसएन मेडिकल कॉलेज व प्रशासन के बीच अब बेहतर सामंजस्य दिखेगा। यह कहना है प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार का। सोमवार सुबह आई विशेष टीम ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय की कवायद के लिए पांच घंटे बैठक की।
विशेष विमान से सुबह 10 बजे पांच सदस्यीय टीम लखनऊ से आगरा पहुंची। 11 बजे सर्किट हाउस में बैठक शुरू हुई। चार बजे तक चली बैठक में एसएन की अव्यवस्थाओं का मुद्दा छाया रहा। सफाईकर्मी नहीं आने, मरीजों को उपचार नहीं मिलने, चिकित्सकों की लापरवाही समेत कई बिंदुओं पर करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में एसएन प्राचार्य व चिकित्सकों से सवाल-जवाब हुए।
फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को लेकर टीम ने नाराजगी जताई। एसएन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपस में प्रशासन से सामंजस्य बना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण के आदेश दिए।
सीएमओ और एडी हेल्थ पर गिर चुकी है गाज
आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने अमर उजाला को बताया कि तालमेल में अभाव की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। संक्रमित मरीजों की ट्रेसिंग में देर लगी। संक्रमण के मामले बढ़े। उन्होंने कहा कि कोऑर्डिनेशन में आ रही दिक्कतों को अब दूर कर लिया है। शासन ने नए सीएमओ व एडी तैनात किए हैं। इसका असर भी दिखेगा।
लॉकडाउन का नहीं हुआ प्रभावी पालन
पांच सदस्यीय विशेष टीम ने एडीजी अजय आनंद व पुलिस अधिकारियों के साथ आगरा में लॉकडाउन की समीक्षा की। लॉकडाउन का प्रभावी पालन नहीं होने पर पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
ये रहे मौजूद
बैठक में आलोक कुमार के अलावा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे, आईजी विजय प्रकाश, एसजीपीजीआई प्रो. आलोक नाथ व अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अवनीश कुमार सिंह के अलावा कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम प्रभु एन सिंह, एसएसपी बबलू कुमार, सीडीओ जे रीभा, एसएन प्राचार्य प्रो. जीके अनेजा आदि मौजूद रहे।