ताजनगरी में कोरोना वायरस संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है कि पिछले सात दिनों (15 से 21 अप्रैल) में ही मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इस दौरान 158 संक्रमित मिले हैं। औसत देखा जाए तो रोज 22 से अधिक मरीज हैं।
हर घंटे में लगभग एक मरीज। इससे पहले (दो मार्च से 14 अप्रैल तक) 45 दिनों में 150 मरीज मिले। अब तक कुल 4289 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 235 रैपिड किट टेस्ट हैं। कुल सैंपल में से 295 मरीज मिले हैं। इस तरह जांच में हर 16 वां सैंपल पॉजिटिव आ रहा है।
मार्च में सिर्फ 12 केस मिले थे। 31 दिनों में से सिर्फ आठ दिन ऐसे रहे जिनमें सैंपल पॉजिटिव आए। अप्रैल में एक भी दिन ऐसा नहीं गया है जब कोई संक्रमित न मिला हो। इनमें 11 और 17 अप्रैल को 39-39 मरीज मिले। सबसे ज्यादा जमाती और उनके संपर्क में आए लोग है। इनकी संख्या 104 है।
श्रीपारस हॉस्पिटल से बढ़ी संक्रमण की रफ्तार
पिछले सात दिनों में अकेले श्री पारस हॉस्पिटल के संपर्क से 60 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इस हॉस्पिटल के कुल संक्रमित 90 से ज्यादा हैं। इसी कारण 15 से 21 अप्रैल तक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
सब्जी विक्रेता, दूधिया, केमिस्ट भी निकले संक्रमित
इन सात दिनों में ही कुछ लोगों में कोरोना के लक्षण आए। इन्हें खुद नहीं मालूम कि ये किसके संपर्क में आए। ये जब जांच कराने पहुंचे तो इनमें संक्रमण मिला। इनमें तीन केमिस्ट, दो सब्जी विक्रेता, एक दूधिया और एक किराना स्टोर का संचालक है। इनसे संक्रमण की नई श्रेणी सामने आई।
23 दिन का शिशु भी संक्रमित
महज 23 दिन का शिशु कोरोना वायरस से संक्रमित मिला है। यह आगरा में सबसे कम उम्र का मरीज है। इसे सोमवार की देर रात को भर्ती किया गया है। पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यिूवपमेंट किट (पीपीई) पहनकर इसकी मां यह जिम्मा संभाल रही है।
ताजगंज क्षेत्र के निवासी दंपती की रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन इस शिशु के दादा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके संपर्क में आने के बाद शिशु भी संक्रमित हो गया। परिजनों से पता चला कि मस्जिद में दादा जाते थे, जहां जमाती भी आए थे, इनके संपर्क में आने से उनको हो भी यह मर्ज लग गया।
सर्विलांस टीम ने घर के सभी सदस्यों की जांच कराई। सोममवार की देर रात सर्विलांस टीम शिशु को लेकर आई। इसकी मां के साथ शिशु को अलग कमरे में रखा गया है। यहां मां पीपीई किट पहने रहती हैं।