जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम प्रभु एन सिंह
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आगरा में कोरोना वायरस से अब तक सिर्फ वे ही लोग संक्रमित मिले हैं, जो विदेश से आए या फिर विदेश से आए संक्रमित लोगों के सीधे संपर्क में रहे। इस दौरान कुछ लोगों की लापरवाही भी सामने आई है, जिन्होंने विदेश से लौटने की जानकारी प्रशासन को नहीं दी थी।
अब प्रशासन ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने आदेश जारी किया है कि विदेश से आए लोगों की सूचना 28 मार्च तक अवश्य दे दें। तय समय सीमा तक ऐसा न करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सर्वे में कुछ लोगों ने जानकारी छिपा ली है। अमेरिका से आए युवक की भी जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी गई थी। तबियत बिगड़ने पर उसकी जांच हुई तो उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कई लोगों ने छिपाई जानकारी
आगरा में छह मार्च को एक साथ छह मामले सामने आए थे। यह परिवार इटली से लौटा था। इसी परिवार के संपर्क के दो और लोगों में बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इस तरह कुल आठ केस हो गए थे।
इसके बाद रेलवे अधिकारी की बेटी में कोरोना पॉजिटिव मिला, वो पति के साथ यूरोप से हनीमून मनाकर लौटी थी। पति बंगलुरु में जॉब करता है, वो पॉजिटिव पाया गया। युवती के परिवार ने प्रशासन को सूचना नहीं दी थी।
'विदेश से आने वालों की जानकारी जरूर दें'
अमेरिका से आए युवक की भी जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी गई थी। जिलाधिकारी का कहना है कि जानकारी छिपाना अपराध है। पिछले दो महीने में विदेश से जो भी आया है, उसकी सूचना अवश्य दें।
बता दें कि शहर में कोरोना के अब तक 10 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि शहर खंदारी क्षेत्र में आठवां। हालांकि खंदारी के सात लोग अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। अब कुल तीन मरीजों का उपचार चल रहा है।
घर लौटे तीन युवकों की स्क्रीनिंग
मलपुरा क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक बुधवार को साउथ अफ्रीका से लौटे युवक की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। उधर, थाना कागारोल के एक गांव निवासी दो युवकों की भी स्क्रीनिंग की गई।
सीएचसी प्रभारी अकोला सुशील कुमार ने बताया है कि बाहर से आए तीनों युवकों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेडिकल परीक्षण किया। चिकित्सकों ने तीनों को 14 दिन तक अकेले रहने की सलाह दी है।