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आगरा में कोरोना : छह माह में 3000 के पार पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा, अगस्त में टूटा रिकॉर्ड

Thu, 03 Sep 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • जून में कुछ थमी संक्रमण की रफ्तार, इसके बाद बढ़ती ही चली गई
  • अगस्त में रिकॉर्ड 1127 संक्रमित मिले, सितंबर के दो दिनों में 100 से ज्यादा मरीज
  • आगरा में बुधवार तक कुल 3041 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।
  • इनमें 2444 लोग हुए ठीक, 107 मरीजों की मौत 
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कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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ताजनगरी में छह महीने में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या पांच से तीन हजार के पार पहुंच गई। मार्च में सिर्फ 12 ही संक्रमित मरीज थे। इसके बाद जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ता गया, वैसे-वैसे संक्रमण का ग्राफ तेजी से ऊपर जाता रहा। अगस्त में रिकॉर्ड 1127 संक्रमित मिले। मार्च में एक भी संक्रमित की मृत्यु नहीं हुई थी, जबकि दो सितंबर तक 107 की जान जा चुकी है।

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मार्च से जुलाई तक कोरोना का 1846 मरीज मिले थे। कुल कोरोना जांच की बात करें तो 54,424 लोगों के नमूने लिए गए थे। लॉकडाउन के महीने अप्रैल और मई में संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज नहीं थी, जितनी अनलॉक के जुलाई और अगस्त में रही।


विदेश से आए लोग लाए संक्रमण... सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचा

मार्च में सिर्फ 12 केस मिले थे। सभी विदेश से आए लोग और उनके संपर्क वाले थे। अप्रैल में जमातियों की श्रृंखला बन गई। इसके बाद तो श्रृंखला दर श्रृंखला बनती चली गई। अस्पतालों के कर्मचारी, पुलिसकर्मी, राजनैतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता संक्रमित हुए। अगस्त के आखिर में सबसे ज्यादा संक्रमित सरकारी दफ्तरों में मिले। नगर निगम, एडीए, मंडलायुक्त कार्यालय, कलक्ट्रेट, एडीजी, आईजी दफ्तर में संक्रमित पाए गए।

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12 कॉलोनियों में लगातार मिल रहे मरीज

कोरोना वायरस का पहला हॉटस्पॉट कॉलोनी खंदारी रहा। इसके बाद संक्रमण आसपास की कॉलोनियों में भी फैला। अभी लगभग 180 से अधिक हॉटस्पॉट जोन हैं। इसमें आवास विकास कॉलोनी, बल्केश्वर कमला नगर, खंदारी, हरीपर्वत क्षेत्र दयालबाग, नगला पदी, शाहगंज, विभव नगर, नगला बूढ़ी, जीवनीमंडी और ताजगंज में लगभग रोज मरीज मिल रहे हैं। 

इन कॉलोनियों में लगभग 1500 मरीज अब तक मिल चुके हैं, जो कुल मरीजों के लगभग आधे हैं। इन कॉलोनियें में परिवार में सामूहिक संक्रमण के मामले भी सबसे ज्यादा पाए गए हैं। स्वास्थ्य सर्वे प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि इन कॉलोनियों में लगभग रोज नए मामले आ रहे हैं। पॉश कॉलोनियां हैं, जिनमें व्यापारी, चिकित्सक, विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्र, व्यवसायिक गतिविधियां करने वाले अधिक हैं। 
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